Nomura ने ऑटो कंपनियों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर **2027** की दूसरी छमाही में कच्चे माल की बढ़ती लागत से कंपनियों के मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। चुनौतियों के बावजूद, मजबूत इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पोर्टफोलियो के कारण Mahindra & Mahindra और Ather Energy को प्राथमिकता दी गई है।
भारतीय ऑटो सेक्टर के लिए आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ब्रोकरेज फर्म Nomura ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि कमोडिटी और धातुओं की कीमतों में उछाल कंपनियों के मार्जिन पर 2027 फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में भारी पड़ सकता है। फिलहाल, कई कंपनियां इन लागतों का बोझ सीधे ग्राहकों पर डालने में हिचकिचा रही हैं।\n\n### मार्जिन पर किसका कितना असर?\n\nNomura के विश्लेषण के अनुसार, कमर्शियल व्हीकल और ट्रैक्टर सेगमेंट के मार्जिन पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिल सकता है। इसके उलट, टू-व्हीलर कंपनियां अपनी कीमतों में बदलाव कर इन लागतों को मैनेज करने में बेहतर स्थिति में हैं। वहीं, पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है, जिससे कंपनियों के लिए बिना सेल्स वॉल्यूम प्रभावित किए दाम बढ़ाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।\n\n### EV सेगमेंट ही उम्मीद की किरण\n\nसेक्टर में जारी सुस्ती के बीच, ब्रोकरेज उन कंपनियों पर बुलिश है जिन्होंने इलेक्ट्रिक व्हीकल स्पेस में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। भारत में पैसेंजर व्हीकल्स में 7% और टू-व्हीलर में 11% से अधिक का EV अडॉप्शन देखा जा रहा है। इसी के चलते Mahindra & Mahindra और Ather Energy को 'पसंदीदा पिक' बताया गया है, क्योंकि इनका मजबूत प्रोडक्ट पाइपलाइन इन्हें पारंपरिक इंजन वाली कंपनियों से आगे ले जा रहा है।\n\n### किसके नतीजों पर रखें नजर?\n\nआने वाले नतीजों में कंपनियों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर दिख सकता है। जहां Ather, TVS Motor और Eicher Motors से बेहतर नतीजों की उम्मीद है, वहीं Ashok Leyland और Tata Motors के पैसेंजर व्हीकल डिवीजन के आंकड़े उम्मीद से कम रह सकते हैं। ऑटो सप्लाई चेन में Sona Comstar, Bharat Forge और Motherson सरप्राइज दे सकते हैं, जबकि Balkrishna Industries के आंकड़ों में गिरावट की आशंका जताई गई है।\n\nनिवेशकों को अब कंपनियों के मार्जिन रिकवरी कमेंट्री और EV सेल्स के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि डिमांड में कमी और हाई-बेस इफेक्ट के चलते ग्रोथ बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
