Jio Platforms का IPO **21 अक्टूबर, 2026** को खुलने वाला है, लेकिन ब्रोकरेज फर्म Nomura का कहना है कि मौजूदा बाजार में Bharti Airtel ज्यादा बेहतर स्थिति में है। फर्म के मुताबिक, Airtel अपने प्रतिद्वंद्वी के मुकाबले **12% से 15%** के डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है।
वैल्यूएशन का अंतर और मार्केट की तैयारी
Jio Platforms का IPO 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर, 2026 तक खुला रहेगा और इसके 28 अक्टूबर तक लिस्ट होने की उम्मीद है। इस बड़ी हलचल के बीच Nomura ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि Bharti Airtel का मौजूदा वैल्यूएशन उसके सही दाम से काफी कम है। ब्रोकरेज के अनुसार, Airtel का डोमेस्टिक बिजनेस Jio के आने वाले IPO वैल्यूएशन के मुकाबले 12% से 15% सस्ते में मिल रहा है।
क्यों Airtel पर भरोसा जता रहे एक्सपर्ट्स?
Airtel की सबसे बड़ी ताकत उसके 'प्रीमियम ग्राहक' हैं। ये ग्राहक टैरिफ महंगा होने पर भी सर्विस नहीं छोड़ते, जिससे कंपनी का रेवेन्यू स्टेबल बना रहता है। इसका उदाहरण 8 अक्टूबर, 2026 को देखने को मिला, जब Airtel ने अपने पोस्टपेड प्लान्स में ₹50 की बढ़ोतरी की। इसके विपरीत, Jio का यूजर बेस अधिक प्राइस-सेंसिटिव है, जिससे उन्हें टैरिफ बढ़ाने में ज्यादा जोखिम उठाना पड़ सकता है।
रिस्क फैक्टर और आगे की राह
निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि Bharti Airtel पर कर्ज का बोझ बना हुआ है। कंपनी का Debt-to-Equity रेशियो 2.03 है, जो एक बड़ी चुनौती है। साथ ही, Jio का IPO जो ₹10.3 लाख करोड़ से ₹12 लाख करोड़ की वैल्यूएशन पर आ रहा है, वह मार्केट में शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी (Volatility) पैदा कर सकता है। अब बाजार की नजर इस पर है कि क्या Airtel अपने टैरिफ हाइक से मार्जिन में सुधार कर पाता है और अपना कर्ज कम करने में कितनी कामयाबी हासिल करता है।
