Lloyds Metals Share Price: Nomura ने किया "Neutral" downgrade, Target Price में भी की कटौती

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Lloyds Metals Share Price: Nomura ने किया "Neutral" downgrade, Target Price में भी की कटौती

Lloyds Metals and Energy के शेयर में आज बिकवाली का दबाव दिखा। ब्रोकरेज फर्म Nomura ने स्टॉक को "Buy" से घटाकर "Neutral" कर दिया है, साथ ही टारगेट प्राइस को भी ₹1,950 पर ला दिया है।

क्यों किया "Neutral"?

Nomura का कहना है कि Lloyds Metals and Energy के मौजूदा शेयर भाव में कंपनी की भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदें काफी हद तक पहले से ही शामिल हो चुकी हैं। ऐसे में, निकट भविष्य में बड़े उछाल की गुंजाइश कम दिख रही है। इसीलिए ब्रोकरेज ने "Buy" रेटिंग को घटाकर "Neutral" कर दिया है।

टारगेट प्राइस में कटौती

Nomura ने Lloyds Metals का टारगेट प्राइस भी घटाकर ₹1,950 कर दिया है, जो पहले ₹2,050 था। कंपनी के नॉन-फेरस बिजनेस के वैल्यूएशन मल्टीपल को 14x से घटाकर 12x कर दिया गया है। साथ ही, ब्रोकरेज फर्म ने 2027 से 2029 के फिस्कल ईयर के लिए EBITDA अनुमानों को 2-3% तक कम कर दिया है।

Q1 नतीजे रहे दमदार

इन सबके बावजूद, कंपनी का कोर बिजनेस अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। फिस्कल ईयर 2027 की पहली तिमाही में Lloyds Metals ने ₹27.8 बिलियन का कंसोलिडेटेड EBITDA दर्ज किया, जो पिछली तिमाही से 9% ज्यादा है। यह ब्रोकर के अनुमानों से 10% अधिक है। आयरन ओर की बढ़ी हुई कीमतों और 58% की जबरदस्त वॉल्यूम ग्रोथ (जो 5.46 मिलियन टन रही) ने इस सेगमेंट को सपोर्ट किया। कंपनी ने अपने प्रोडक्ट मिक्स को भी बेहतर किया है, जिसमें वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स का हिस्सा 28% से बढ़कर 41% हो गया है।

कॉपर सेगमेंट में चुनौतियां

हालांकि, नॉन-फेरस और कॉपर बिजनेस में कंपनी को कुछ ऑपरेशनल दिक्कतें आ रही हैं। कॉपर डिविजन ने तिमाही में $2.6 मिलियन का EBITDA लॉस दर्ज किया। इसके पीछे EPT शटडाउन और डीजल व सल्फ्यूरिक एसिड जैसे जरूरी इनपुट्स की बढ़ी हुई लागत को कारण बताया गया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि यह पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण सप्लाई चेन पर पड़े असर का नतीजा है।

आगे क्या?

भविष्य में स्टॉक का प्रदर्शन कंपनी की ऑपरेशनल चुनौतियों से निपटने की क्षमता पर निर्भर करेगा। निवेशक कॉपर माइन के रैंप-अप की गति पर नजर रखेंगे, क्योंकि इन एसेट्स की सफल स्केलिंग और कमिशनिंग कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.