Nomura ने Tata Motors के कमर्शियल व्हीकल (CV) बिजनेस के लिए टारगेट प्राइस को **₹554** से घटाकर **₹511** कर दिया है। हालांकि माइनिंग और ई-कॉमर्स में मांग मजबूत है, लेकिन कमोडिटी की बढ़ती कीमतों के कारण कंपनी के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
ब्रोकरेज हाउस Nomura ने Tata Motors के कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट पर अपना नजरिया बदलते हुए टारगेट प्राइस में कटौती की है। कंपनी को जहां एक ओर ट्रकों की मजबूत मांग का लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी कंपनी के मुनाफे पर भारी पड़ रही है। Nomura के मुताबिक, स्टॉक में 29% की तेजी की संभावना के बावजूद मार्जिन रिकवरी में उम्मीद से ज्यादा समय लग सकता है।
मुनाफे का गणित और मार्जिन का डर
इस डाउनग्रेड की मुख्य वजह कंपनी का EBITDA मार्जिन है। ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल ईयर 2027 से 2029 के लिए मार्जिन अनुमान में 100 से 140 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। अब उम्मीद है कि मार्जिन FY27 में 11.8%, FY28 में 12.5% और FY29 में 13.1% के आसपास रहेगा। इसका बड़ा कारण कमोडिटी की लगातार बढ़ती कीमतें हैं, जिसकी भरपाई कंपनी पूरी तरह नहीं कर पा रही है।
डिमांड और EV का सहारा
निराशाजनक मार्जिन के बीच मांग का पक्ष मजबूत है। Nomura ने मीडियम और हैवी कमर्शियल व्हीकल (MHCV) की ग्रोथ का अनुमान 8% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स और माइनिंग सेक्टर में बढ़ती हलचल इसका मुख्य कारण है। इसके अलावा, Tata Motors अपने EV पोर्टफोलियो पर भी दांव लगा रही है। दूसरी तिमाही में EV सेल्स वॉल्यूम 143% बढ़े हैं। कंपनी का लक्ष्य मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के अंत तक स्मॉल कमर्शियल व्हीकल में EV की हिस्सेदारी 20% तक ले जाने का है।
रिस्क फैक्टर
अक्टूबर में कंपनी ने 1% से 2% तक दाम बढ़ाए थे, लेकिन ट्रांसपोर्टर्स की अपनी चुनौतियां—जैसे बढ़ते ईंधन के दाम और ब्याज दरें—कंपनी के लिए रिस्क बनी हुई हैं। साथ ही, Nomura ने EV/EBITDA मल्टीपल को 12 से घटाकर 11 कर दिया है। निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या कंपनी मार्जिन पर दबाव को कम करने में सफल रहती है या नहीं।
