ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Nomura ने भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियों पर अपना भरोसा कायम रखा है। सितंबर में रिटेल सेल्स में आई मजबूती को देखते हुए ब्रोकरेज ने पॉजिटिव रुख अपनाया है, हालांकि बढ़ती इन्वेंट्री और कच्चे माल की लागत को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
ब्रोकरेज फर्म Nomura ने भारतीय ऑटो सेक्टर के लिए पॉजिटिव आउटलुक पेश किया है। सितंबर के आंकड़ों के अनुसार, पैसेंजर और टू-व्हीलर सेगमेंट में रिटेल सेल्स ने रफ्तार पकड़ी है। Nomura ने Mahindra & Mahindra, Hyundai Motor India, Ather Energy, TVS Motor और Sona BLW Precision Forgings को अपनी पसंद के शेयरों में रखा है।
रिटेल डिमांड और इन्वेंट्री का गणित
सितंबर में पैसेंजर वाहनों की डीलर डिस्पैच में 21% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि रिटेल सेल्स में 26% का उछाल रहा। डिमांड ज्यादा होने के बावजूद डीलर इन्वेंट्री में 58,000 गाड़ियां जुड़ गई हैं। यह बढ़ता स्टॉक डीलर्स के कैश फ्लो पर दबाव डाल सकता है और भविष्य में कंपनियों को डिस्काउंट देने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है, जिसका असर मार्जिन्स पर दिख सकता है।
टू-व्हीलर सेक्टर की बात करें तो रिटेल डिमांड में 35% का भारी इजाफा हुआ है। खास बात यह है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) के लिए यह एक 'इन्फ्लेक्शन पॉइंट' साबित हो रहा है, जहां बिक्री 87% बढ़कर करीब 205,500 यूनिट्स पर पहुंच गई है।
लागत का दबाव और भविष्य की चुनौती
Nomura ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के दूसरे हाफ को लेकर चेतावनी भी जारी की है। कच्चे माल जैसे स्टील, कॉपर और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के कारण मार्जिन्स पर दबाव बढ़ सकता है। ब्रोकरेज के अनुसार, कमर्शियल व्हीकल और टू-व्हीलर कंपनियां कीमतें बढ़ाने में ज्यादा सक्षम हैं, जबकि पैसेंजर कार बनाने वाली कंपनियों के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
उधर, ट्रैक्टर सेगमेंट में 21% की गिरावट की आशंका है, जिसका मुख्य कारण फेस्टिव सीजन का कैलेंडर और पिछले साल का हाई-बेस इफेक्ट है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे अगली तिमाही के नतीजों के दौरान कंपनी मैनेजमेंट की मार्जिन स्थिरता पर कमेंट्री पर खास नजर रखें।
