ब्रोकरेज फर्म Nirmal Bang ने FY27 के लिए ऑटो सेक्टर पर अपना बुलिश नजरिया बरकरार रखा है। रूरल डिमांड और प्रीमियम गाड़ियों की बढ़ती मांग के बीच Mahindra & Mahindra और Maruti Suzuki टॉप पिक्स बने हुए हैं, हालांकि कंपनी ने साल की दूसरी छमाही में मार्जिन दबाव की चेतावनी भी दी है।
ब्रोकरेज फर्म Nirmal Bang ने चालू फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए ऑटो सेक्टर पर सकारात्मक रुख अपनाया है। रिसर्च के मुताबिक, साल की शुरुआत मजबूत रही है, लेकिन अब विकास की गति में थोड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रूरल इकोनॉमी में रिकवरी, SUV की बढ़ती लोकप्रियता और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) एडॉप्शन इस सेक्टर की ग्रोथ के मुख्य इंजन साबित हो रहे हैं।
सेक्टर के दिग्गज और पसंद
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में ब्रोकरेज ने Mahindra & Mahindra और Maruti Suzuki को अपनी पहली पसंद बताया है, जो बाजार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत बनाए रखने की क्षमता रखते हैं। ये शेयर प्रीमियम कारों के ट्रेंड और मार्केट विस्तार की रणनीति पर खरे उतरते हैं। टू-व्हीलर स्पेस में Eicher Motors और Ather Energy पर भरोसा जताया गया है, जो प्रीमियम ब्रांड और इलेक्ट्रिक सेगमेंट के बढ़ते दबदबे का मिश्रण है। वहीं, ऑटो सप्लाई चेन के लिए ASK Automotive को एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी माना गया है।
मार्जिन पर है बड़ी चुनौती
डिमांड का आउटलुक भले ही मजबूत हो, लेकिन Nirmal Bang ने निवेशकों को प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर नजर रखने की सलाह दी है। कंपनियों के सामने कमोडिटी की अस्थिर कीमतें और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। स्टील, कॉपर और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत से मुनाफे पर दबाव बन रहा है। ऐसे में कंपनियों की 'प्राइसिंग पावर' यह तय करेगी कि वे इस बोझ को ग्राहकों तक कितना ट्रांसफर कर पाती हैं।
निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि FY27 की दूसरी छमाही में ग्रोथ के आंकड़े 2026 की शुरुआत की तुलना में थोड़े नरम रह सकते हैं। अगस्त 2026 में Maruti Suzuki के मंथ-ऑन-मंथ सेल्स आंकड़ों में उतार-चढ़ाव इसकी बानगी है। हालांकि साल-दर-साल आधार पर वॉल्यूम अब भी हेल्दी है, लेकिन डिमांड का ठंडा पड़ना बाजार की स्थितियों को दर्शाता है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
आने वाले महीनों में ऑटो स्टॉक्स का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां इनपुट कॉस्ट के बावजूद अपने मार्जिन को कैसे मैनेज करती हैं। निवेशकों के लिए मंथली सेल्स डेटा और मैनेजमेंट की कमेंट्री सबसे बड़े 'मॉनिटरेबल' (Monitorable) होंगे। रूरल डिमांड में सुस्ती या रॉ मटेरियल की कीमतों में लगातार तेजी सेक्टर के लिए निकट भविष्य में मुश्किलें पैदा कर सकती है।
