Kotak Mahindra AMC के Nilesh Shah ने निवेशकों को सतर्क किया है कि अब सालाना **20% से 30%** वाले शानदार रिटर्न का दौर खत्म हो चुका है। उन्होंने निवेशकों को अपनी उम्मीदें घटाकर **हाई सिंगल डिजिट** या **लो डबल डिजिट** रिटर्न पर लाने की सलाह दी है।
बीते कुछ सालों में शेयर बाजार ने निवेशकों को मालामाल किया है, लेकिन Nilesh Shah का मानना है कि अब रणनीति बदलने का समय आ गया है। उनका कहना है कि बाजार अब उस स्तर पर है जहां सिर्फ वैल्यूएशन के दम पर तेजी नहीं आएगी, बल्कि असली ग्रोथ के लिए कंपनियों को अपने प्रॉफिट में दमदार बढ़ोतरी दिखानी होगी।
वैल्यूएशन से अर्निंग्स की ओर शिफ्ट
अब तक बाजार में तेजी इसलिए भी थी क्योंकि निवेशक शेयरों के लिए ज्यादा प्रीमियम देने को तैयार थे। हालांकि, अब बाजार 'फेयर वैल्यू' पर है। इसका मतलब यह है कि अगर कंपनियों के नेट प्रॉफिट में ग्रोथ नहीं दिखी, तो शेयरों में बड़ी तेजी की उम्मीद करना बेमानी होगा। भविष्य में शेयरों के दाम केवल कंपनियों की कमाई के दम पर ही बढ़ेंगे।
आर्थिक चुनौतियां और जोखिम
ग्लोबल अस्थिरता, जियोपॉलिटिकल तनाव और महंगाई जैसे फैक्टर्स बाजार में उतार-चढ़ाव पैदा कर रहे हैं। जब बॉन्ड यील्ड्स ऊंची होती हैं, तो निवेशक इक्विटी में भी ऊंचे रिस्क प्रीमियम की मांग करते हैं, जो कीमतों पर दबाव बना सकता है।
पोर्टफोलियो में बदलाव की जरूरत
Nilesh Shah ने निवेशकों को सलाह दी है कि सिर्फ शेयरों पर निर्भर न रहें। जोखिम कम करने के लिए डेट, गोल्ड और REITs (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स) जैसे अन्य एसेट क्लासेज में भी निवेश करना समझदारी है।
किन सेक्टरों पर रखें नजर?
बाजार के मौजूदा माहौल में फाइनेंशियल सर्विसेज, कंजम्पशन, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टरों में उन कंपनियों को चुनना जरूरी है जिनके बैलेंस शीट मजबूत हैं और जो लगातार मुनाफा कमा रही हैं। निवेशकों को आने वाले दिनों में कंपनियों के अर्निंग्स रिपोर्ट्स पर पैनी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि वही तय करेंगी कि बाजार की दिशा क्या होगी।
