वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Brent Crude के दाम **$95** प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं। इसके चलते Nifty 50 इंडेक्स **23,914** के स्तर पर बंद हुआ है और अब सबकी नजरें **23,800** के सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं।
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली का दौर देखने को मिला। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव ने ग्लोबल सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। कच्चे तेल के $95 प्रति बैरल की ओर बढ़ने से महंगाई बढ़ने और ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम होने का डर निवेशकों में साफ दिख रहा है।
अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स
फिलहाल मार्केट एक्सपर्ट्स की नजरें 23,800 के अहम सपोर्ट लेवल पर हैं। अगर इंडेक्स इस स्तर को बचाने में नाकाम रहता है, तो चार्ट पर 23,600 के अगले बड़े सपोर्ट तक गिरावट की आशंका बढ़ जाएगी। वहीं, रिकवरी की किसी भी कोशिश में निफ्टी को 24,000 के स्तर पर कड़ा रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है।
इकोनॉमी पर दबाव
भारत के लिए कच्चा तेल एक बड़ी इम्पोर्ट कॉस्ट है। इसकी कीमतों में उछाल से ट्रेड बैलेंस बिगड़ता है और उन कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ता है जो फ्यूल या लॉजिस्टिक्स पर निर्भर हैं। इस 'रिस्क-ऑफ' माहौल के कारण IT, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली हावी रही। निवेशक अब ग्रोथ वाले शेयरों के बजाय कैश और सुरक्षित एसेट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सेक्टर का हाल
बाजार में एक तरफ जहां ग्रोथ सेक्टर में बिकवाली है, वहीं एनर्जी सेक्टर में थोड़ी मजबूती दिखाई दी, क्योंकि तेल कंपनियों को बढ़ती कीमतों का सीधा फायदा मिलता है। हालांकि, स्मॉल-कैप और मिड-कैप इंडेक्स में गिरावट यह दर्शाती है कि लिक्विडिटी और वैल्यूएशन को लेकर निवेशक सतर्क हो गए हैं। अब बाजार की अगली चाल पूरी तरह से वेस्ट एशिया के हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी।
