Nifty 50 में तेजी के संकेत मिल रहे हैं और यह अगले हफ्ते **24,600** के लेवल को फिर से छू सकता है। जानकारों का कहना है कि इंडेक्स अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है, वहीं Nifty Smallcap 100 इंडेक्स भी रिकॉर्ड हाई के करीब पहुंच रहा है।
Nifty का टेक्निकल सेटअप
बाजार के आंकड़ों से पता चलता है कि Nifty 50 इंडेक्स फिलहाल मजबूत टेक्निकल पोजीशन में है। यह इंडेक्स अपने 20-दिन, 50-दिन, और 100-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (Exponential Moving Average) से ऊपर कारोबार कर रहा है। ये मूविंग एवरेज कई ट्रेडर्स के लिए ट्रेंड की दिशा बताने का काम करते हैं। पिछले हफ्ते 0.89% की बढ़त के साथ 24,270 पर क्लोजिंग के बाद, अब इंडेक्स की नजर 24,400-24,450 के रेजिस्टेंस जोन पर है। इस लेवल को पार करना इंडेक्स के लिए 24,700-24,900 की रेंज की ओर बढ़ने के लिए जरूरी माना जा रहा है।
Smallcap इंडेक्स में रॉकेट स्पीड
जहां Nifty 50 कंसॉलिडेशन (consolidation) के फेज में है, वहीं Nifty Smallcap 100 इंडेक्स ने शानदार परफॉरमेंस दिखाई है। स्मॉलकैप इंडेक्स का निफ्टी 50 के मुकाबले रेशियो हाल ही में 81-हफ्ते के हाई पर पहुंचा है। यह दिखाता है कि बड़े शेयरों के मुकाबले छोटे स्टॉक्स में ज्यादा पैसा लग रहा है। स्मॉलकैप इंडेक्स फिलहाल अपने ऑल-टाइम हाई के करीब है, और आने वाले समय में यह 19,400 से 19,600 के बीच रह सकता है। एक्सपर्ट्स इसे बाजार के प्रति पॉजिटिव सेंटीमेंट का संकेत मानते हैं, हालांकि इसमें छोटे स्टॉक्स की तरह ज्यादा वोलैटिलिटी (volatility) भी शामिल है।
सेक्टरों का प्रदर्शन
हाल के दिनों में Bank Nifty इंडेक्स ने ब्रॉडर मार्केट (broader market) के मुकाबले थोड़ा कमजोर प्रदर्शन किया है। हालांकि, यह इंडेक्स भी अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है, जो बताता है कि ट्रेंड नेगेटिव नहीं हुआ है, बल्कि कंसॉलिडेशन में है। Bank Nifty के लिए 58,600-58,700 का लेवल रेजिस्टेंस का काम करेगा, और इसे पार करने पर मजबूती देखने को मिल सकती है। वहीं, रियलटी सेक्टर में तेजी का मोमेंटम (momentum) जारी है, जिसमें Lodha Developers और Oberoi Realty जैसे स्टॉक्स ने बेहतर परफॉरमेंस दिखाई है। दूसरी तरफ, Nifty IT इंडेक्स अभी भी कमजोर पोजीशन में है, और किसी भी संभावित रिकवरी के लिए इसे 28,300-28,400 के लेवल के ऊपर जाने की जरूरत होगी।
बाजार की दिशा तय करने वाले फैक्टर
फिलहाल बाजार की दिशा ज्यादातर टेक्निकल इंडिकेटर्स (technical indicators) और मोमेंटम एनालिसिस (momentum analysis) पर टिकी हुई है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि टेक्निकल लेवल सिर्फ प्राइस मूवमेंट के रेफरेंस पॉइंट (reference point) हैं, कोई गारंटी नहीं। चार्ट्स जुलाई में संभावित ब्रेकआउट (breakout) का इशारा कर रहे हैं, लेकिन बाजार की दिशा ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा (macroeconomic data), इंस्टीट्यूशनल फ्लो (institutional flows) और कंपनियों के नतीजों जैसे बाहरी फैक्टर्स पर भी निर्भर करती है। इन फैक्टर्स में बदलाव से टेक्निकल सेटअप तेजी से बदल सकता है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
आगे चलकर निवेशकों को Nifty 50 का 200-दिन मूविंग एवरेज से ऊपर बने रहना और Nifty Smallcap 100 का ऑल-टाइम हाई के करीब प्रदर्शन देखना चाहिए। इसके अलावा, निवेशक यह भी देखेंगे कि क्या Bank Nifty अपने गैप को कम कर पाता है और Nifty IT इंडेक्स में निर्णायक रिकवरी आती है या नहीं। रियल एस्टेट और आईटी सेक्टर के स्पेसिफिक ट्रेंड्स पर नजर रखना भी बाजार की चौड़ाई का अंदाजा लगाने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
