भारतीय शेयर बाजार में आज कमजोरी का रुख देखने को मिला है। निफ्टी (Nifty) अपने 20-दिन और 100-दिन के मूविंग एवरेज (Moving Averages) के नीचे कारोबार कर रहा है, जो बाजार की सेंटिमेंट (Sentiment) को लेकर चिंताएं बढ़ा रहा है।
तकनीकी स्तरों पर नजर
बाजार की चाल पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए 24,200 का स्तर एक अहम रेजिस्टेंस (Resistance) बना हुआ है। इस स्तर के ऊपर एक मजबूत क्लोजिंग (Closing) ही तेजी के लौटने का संकेत दे सकती है। वहीं, नीचे की ओर, 23,800 का स्तर तत्काल सपोर्ट (Support) के रूप में देखा जा रहा है, जबकि 23,600 के आसपास एक और मजबूत सपोर्ट ज़ोन मौजूद है।
क्या कह रहे हैं चार्ट्स?
फिलहाल, निफ्टी 50-दिनों के एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जो कुछ हद तक सपोर्ट का संकेत दे रहा है। हालांकि, 20-दिनों के EMA जो कि 24,027 पर है, उसे पार करने में नाकामयाबी बाजार में सावधानी का माहौल दिखा रही है।
किन स्टॉक्स पर है फोकस?
हाल के दिनों में, NLC India और Dabur India जैसे स्टॉक्स ने तकनीकी चार्ट्स पर ध्यान खींचा है। NLC India ने अपने 200-दिन EMA के पास सपोर्ट पाया है और इसमें ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) भी बढ़ा है। वहीं, Dabur India ने भी डेली चार्ट पर एक अपवर्ड-स्लोपिंग ट्रेंड लाइन (Upward-sloping Trend Line) पर सपोर्ट दिखाया है।
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि RSI जैसे इंडिकेटर्स (Indicators) मोमेंटम (Momentum) का संकेत देते हैं, लेकिन ये पिछले प्राइस एक्शन (Price Action) पर आधारित होते हैं। NLC India का प्रदर्शन पावर सेक्टर की डिमांड (Demand) और ऑपरेशनल कैपेसिटी (Operational Capacity) पर निर्भर करेगा, जबकि Dabur India की ग्रोथ कंज्यूमर डिमांड और रॉ मटेरियल कॉस्ट (Raw Material Cost) से प्रभावित होगी।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निफ्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा 24,200 के बैरियर को वॉल्यूम के साथ पार करना। टेक्निकल एनालिसिस (Technical Analysis) के आधार पर स्टॉक चुनते समय, निवेशकों को मौजूदा वोलेटाइल (Volatile) मार्केट को भी ध्यान में रखना चाहिए। आगे यह देखना अहम होगा कि निफ्टी 23,800 के सपोर्ट को बनाए रखता है या 23,600 के निचले स्तरों का टेस्ट करता है, क्योंकि इससे आने वाले सत्रों में विभिन्न सेक्टर्स (Sectors) में जोखिम लेने की क्षमता तय होगी।
