Nifty ने जून डेरिवेटिव्स सीरीज को **23,685** पर **0.2%** की मामूली गिरावट के साथ खत्म किया। हालांकि, निवेशकों ने जुलाई सीरीज के लिए **80.3%** जैसे ऊंचे स्तर पर पोजीशन रोलओवर की हैं। यह रोलओवर डेटा जहां बुलिश संकेत दे रहा है, वहीं फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने अपनी शॉर्ट पोजीशन बढ़ाई हैं, जो एक सतर्क रवैया दर्शा रहा है। अगले महीने बाजार **23,000** और **24,500** के बीच रह सकता है।
जून सीरीज का अंत और जुलाई की शुरुआत
Nifty 50 इंडेक्स ने जून फ्यूचर्स और ऑप्शंस सीरीज को 23,685 के स्तर पर, यानी 0.2% के छोटे से नुकसान के साथ खत्म किया। यह लगातार दूसरी सीरीज है जो निगेटिव नोट पर बंद हुई है।
लेकिन, जुलाई सीरीज की शुरुआत काफी उम्मीदों के साथ हुई है। Nifty फ्यूचर्स 24,100 पर खुले, जो कि कैश मार्केट से 90 पॉइंट प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं।
रोलओवर डेटा: निवेशकों का भरोसा
डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में 'रोलओवर' का मतलब है जब ट्रेडर्स अपनी मौजूदा पोजीशन को एक्सपायर हो रहे महीने से अगले महीने में आगे ले जाते हैं। जून से जुलाई सीरीज में Nifty का रोलओवर रेट 80.3% रहा, जो हाल के औसत से काफी ज्यादा है। यह दिखाता है कि बड़ी संख्या में निवेशक अपनी पोजीशन बनाए हुए हैं, जो नए महीने में मार्केट को लेकर एक बुलिश भरोसा जता रहा है।
FIIs की चिंता: क्यों है सतर्कता?
जहां रोलओवर डेटा उम्मीद जगा रहा है, वहीं फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) एक अलग संकेत दे रहे हैं। लेटेस्ट डेटा के अनुसार, इंडेक्स फ्यूचर्स में FIIs का लॉन्ग-टू-शॉर्ट रेशियो पिछले एक्सपायरी के 0.17 से घटकर 0.10 हो गया है। उन्होंने करीब 4,759 इंडेक्स लॉन्ग पोजीशन को अनवाइंड (वापस लिया) किया है, जबकि लगभग 98,786 शॉर्ट पोजीशन जोड़ी हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि बुलिश रोलओवर ट्रेंड के बावजूद, इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स सावधानी बरत रहे हैं और बियरिश एक्सपोजर बढ़ा रहे हैं, जिससे आने वाले हफ्तों में मार्केट में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।
बैंक निफ्टी और शॉर्ट-कवरिंग का खेल
ट्रांज़िशन के दौरान बैंक निफ्टी ने भी मजबूती दिखाई। इसका रोलओवर रेट 77.2% रहा, जो इसके सेमी-एनुअल एवरेज से बेहतर है। एक्सपायरी से पहले इंडेक्स 4.4% चढ़ा और ओपन इंटरेस्ट में 1.8 लाख शेयर की कमी आई। यह 'शॉर्ट-कवरिंग' का एक क्लासिक संकेत है, जहां जिन ट्रेडर्स ने इंडेक्स के खिलाफ दांव लगाया था, उन्हें कीमत बढ़ने पर अपनी पोजीशन बंद करने के लिए शेयर वापस खरीदने पड़े, जिससे तेजी और बढ़ी।
अहम ट्रेडिंग लेवल्स
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार अगले महीने 23,000 से 24,500 के कंसॉलिडेशन रेंज में रह सकता है। डेरिवेटिव्स डेटा के अनुसार, 24,500 और 25,000 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस (कठिनाई) दिख रहा है, जहां कॉल ऑप्शन में काफी इंटरेस्ट है। वहीं, 23,000 से 23,500 का जोन महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल माना जा रहा है। 24,000 का स्तर भी ट्रेडर्स के लिए अहम है क्योंकि यहां ओपन इंटरेस्ट काफी ज्यादा है।
इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर
ओपन इंटरेस्ट में बदलाव से पता चलता है कि अगले प्राइस मूव्स कहां से आ सकते हैं। जिन स्टॉक्स में ओपन इंटरेस्ट बढ़ा है, यानी जहां नई पोजीशन बन रही हैं, उनमें Crompton Greaves, SAIL, JSW Steel, Dalmia Bharat, और Godrej Consumer Products शामिल हैं। दूसरी ओर, Jubilant FoodWorks, Alkem Laboratories, InterGlobe Aviation, Indus Towers, और Hyundai जैसे स्टॉक्स में ओपन इंटरेस्ट कम हुआ है, जिससे लग रहा है कि निवेशक अपनी पोजीशन क्लोज कर रहे हैं।
