Nifty की सुस्त शुरुआत के संकेत, GIFT Nifty **0.7%** नीचे, 24,000 का सपोर्ट अहम

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Nifty की सुस्त शुरुआत के संकेत, GIFT Nifty **0.7%** नीचे, 24,000 का सपोर्ट अहम

भारतीय शेयर बाजार में आज कमजोरी के साथ शुरुआत होने की आशंका है। GIFT Nifty फ्यूचर्स **160** पॉइंट गिरकर **24,040** पर आ गए हैं। यह गिरावट पिछले सत्र के मजबूत उछाल के बाद आई है, जहाँ Nifty 50 **24,206** पर बंद हुआ था। निवेशक एशियाई बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच **24,000** के सपोर्ट लेवल पर नजरें गड़ाए हुए हैं।

आज बाजार का मिजाज कैसा रहेगा?

सोमवार, 13 जुलाई को भारतीय इक्विटी बाजारों में एक सतर्क शुरुआत देखने की उम्मीद है, क्योंकि वैश्विक सेंटिमेंट पर दबाव बना हुआ है। GIFT Nifty फ्यूचर्स, जो अक्सर NSE और BSE के लिए एक प्रमुख संकेतक के रूप में काम करते हैं, सुबह के शुरुआती कारोबार में लगभग 0.7% यानी 160 पॉइंट गिरकर 24,040 पर ट्रेड कर रहे थे। यह गिरावट 10 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों के मजबूत प्रदर्शन के बाद आई है, जहाँ Nifty 50 इंडेक्स 1.02% चढ़कर 24,206.90 पर बंद हुआ था और Sensex में 800 से अधिक अंकों का उछाल आया था।

मार्केट आउटलुक और अहम लेवल्स

हालिया तेजी के बाद सूचकांकों के कंसॉलिडेट (consolidate) होने पर मार्केट पार्टिसिपेंट्स (market participants) टेक्निकल लेवल्स (technical levels) पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि 24,000 का स्तर वर्तमान में Nifty 50 के लिए एक प्राथमिक सपोर्ट जोन (support zone) के रूप में काम कर रहा है। यदि इंडेक्स इस स्तर को बनाए रखने में विफल रहता है, तो यह अल्पावधि में और कमजोरी का संकेत दे सकता है। ऊपरी स्तर पर, 24,500 के स्तर को तत्काल रेजिस्टेंस (resistance) के रूप में पहचाना गया है। ये लेवल्स ट्रेडर्स के लिए व्यापक भू-राजनीतिक (geopolitical) और आर्थिक अनिश्चितताओं के मुकाबले मौजूदा बाजार की चाल की ताकत का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

ग्लोबल मार्केट का संदर्भ

एशियाई बाजारों में सेंटिमेंट मिला-जुला बना हुआ है, जिसका असर घरेलू ट्रेड क्यूज (trade cues) पर पड़ रहा है। जापान का Nikkei इंडेक्स लगभग 1.5% की बड़ी गिरावट के साथ दबाव में था, जबकि दक्षिण कोरिया के KOSPI इंडेक्स में 5.5% से अधिक की तेज गिरावट देखी गई। वहीं, हांगकांग का Hang Seng इंडेक्स काफी हद तक स्थिर रहा। इन अंतरराष्ट्रीय बाजार की चालें, जो अक्सर वैश्विक ब्याज दर नीतियों और भू-राजनीतिक बदलावों से प्रेरित होती हैं, आज भारतीय निवेशकों के लिए सतर्क शुरुआत को प्रभावित कर रही हैं।

हालिया सेक्टर-वार प्रदर्शन

10 जुलाई के पिछले ट्रेडिंग सत्र में व्यापक खरीदारी देखी गई थी, खासकर सूचना प्रौद्योगिकी (information technology), वित्तीय सेवाओं (financial services) और रियल एस्टेट (real estate) जैसे सेक्टर्स में। इस सेक्टर-विशिष्ट मजबूती ने Nifty 50 को 24,200 के पार ले जाने में मदद की। अब निवेशक इस बात पर नजर रख रहे हैं कि क्या ये सेक्टर्स अपनी गति बनाए रख सकते हैं या वैश्विक संकेतों से बाजार पर दबाव बढ़ने पर प्रॉफिट-बुकिंग (profit-booking) हावी हो जाती है। तेजी से सतर्क शुरुआत की ओर बदलाव से पता चलता है कि बाजार सहभागियों ने हालिया लाभ के बाद वैल्यूएशन (valuations) का पुनर्मूल्यांकन किया है।

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