Nifty PSU Bank इंडेक्स अभी **8,601** के स्तर के आसपास झूल रहा है, जो इसके 200-DMA (डेली मूविंग एवरेज) का अहम पड़ाव है। बाजार के जानकारों की नजर अब **8,200** से **8,800** की रेंज पर टिकी है, क्योंकि बैंकिंग शेयरों में फिलहाल मिला-जुला तकनीकी रुझान देखने को मिल रहा है।
रेंज-बाउंड मूवमेंट्स की उलझन
फरवरी 2026 में 9,918 के शिखर को छूने के बाद, इंडेक्स में नरमी देखी गई है और अब यह एक मजबूत बेस तलाशने की कोशिश कर रहा है। मार्केट ऑब्जर्वर्स के मुताबिक, 8,200 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है, जबकि ऊपर की ओर 8,800 के पास रेजिस्टेंस बना हुआ है। जब तक इंडेक्स इस दायरा (Range) को निर्णायक रूप से नहीं तोड़ता, तब तक इसमें साफ ट्रेंड की कमी बनी रहेगी।
बैंकिंग शेयरों के मिले-जुले संकेत
इंडेक्स के भीतर अलग-अलग शेयरों की तस्वीर अलग है:
- Canara Bank: यह शेयर अपने 200-DMA के नीचे ट्रेड कर रहा है, जो दबाव को दर्शाता है।
- Bank of India: निवेशक इस पर नजर बनाए हुए हैं; ₹148 के हर्डल को पार करना इसके ट्रेंड के लिए अहम होगा।
- Bank of Baroda: यह शेयर ₹235 के स्तर पर स्थिरता दिखा रहा है, हालांकि 'लोअर हाई' का पैटर्न चिंता का सबब बना हुआ है।
- अन्य शेयर: Central Bank of India (₹36), Indian Overseas Bank (₹35), UCO Bank (₹26) और Punjab & Sind Bank (₹24) के लिए अपने रेजिस्टेंस लेवल को पार करना ट्रेंड में बदलाव का संकेत हो सकता है।
सेक्टर को प्रभावित करने वाले बाहरी कारक
PSU बैंकों में यह अनिश्चितता अकेले नहीं है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) ने निवेशकों में सावधानी बढ़ा दी है। ये कारक महंगाई और क्रेडिट ग्रोथ पर असर डालते हैं, जिससे बैंकिंग सेक्टर पर सीधा दबाव पड़ता है। फिलहाल निवेशकों को इंडेक्स के 8,200–8,800 की रेंज से बाहर निकलने का इंतजार है, जो अगले बड़े मूवमेंट की दिशा साफ करेगा।
