Nifty 50 ने अक्टूबर सीरीज की क्लोजिंग **0.15%** की मामूली बढ़त के साथ की है। कम रोलओवर डेटा के कारण नवंबर के लिए बाजार का सेंटिमेंट फिलहाल 'न्यूट्रल' बना हुआ है, जहां बैंकिंग और टेलीकॉम सेक्टर में मजबूती दिख रही है, वहीं मेटल स्टॉक्स दबाव में हैं।
बाजार का हाल और रोलओवर डेटा
Nifty 50 ने अपनी अक्टूबर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सीरीज को 22,750 के स्तर पर समाप्त किया। हालांकि, नवंबर सीरीज के लिए डेटा काफी सतर्क करने वाला है। रोलओवर की स्थिति 74% रही है, जो 76.3% के तीन महीने के औसत से काफी कम है। यह साफ दर्शाता है कि ट्रेडर्स नई सीरीज में अपनी पोजीशन को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं हैं और 'वेट एंड वॉच' की रणनीति अपना रहे हैं।
Open Interest और कॉस्ट ऑफ कैरी
मार्केट में कुल Open Interest में 9% की गिरावट आई है और यह अब ₹35,427 करोड़ पर है। Open Interest में कमी का मतलब है कि ट्रेडर्स अपनी पोजीशन को रोलओवर करने के बजाय बंद कर रहे हैं। इसके अलावा, 'कॉस्ट ऑफ कैरी' भी 66.2 बेसिस पॉइंट्स से गिरकर 46.7 बेसिस पॉइंट्स पर आ गया है, जो बाजार के न्यूट्रल होने की पुष्टि करता है।
FIIs का रुख और सेक्टर का हाल
विदेशी निवेशकों (FIIs) ने अपने रुख में मामूली बदलाव किया है। इंडेक्स फ्यूचर्स में उनका लॉन्ग-टू-शॉर्ट रेशियो अक्टूबर के 0.09 से बढ़कर 0.13 हो गया है। हालांकि अब भी उनके 88% पोजीशन शॉर्ट साइड में हैं, लेकिन यह 92% से कम होना संकेत है कि बाजार में शॉर्ट-कवरिंग की गुंजाइश बन सकती है।
सेक्टोरल फ्रंट पर, Bank Nifty में काफी एक्टिविटी है, जहां 84.14% का रोलओवर और 68.3 बेसिस पॉइंट्स की कॉस्ट दिखी है। IT और टेलीकॉम सेक्टर (खासकर Bharti Airtel) में मजबूती दिख रही है, जबकि मेटल स्टॉक्स पर बिकवाली का दबाव बरकरार है।
टेक्निकल लेवल्स
निवेशकों के लिए 22,200 से 22,500 का लेवल सपोर्ट का काम करेगा, जबकि ऊपर की ओर 23,400 से 23,700 के रेंज में रेजिस्टेंस दिख रहा है। ट्रेंड में रिवर्सल के लिए Nifty को लगातार 22,715 के ऊपर टिकना जरूरी होगा।
