Nifty IT: बड़े शेयरों पर भारी पड़े मिड-कैप्स, Q2 नतीजों से पहले IT इंडेक्स में आई रौनक

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AuthorMehul Desai|Published at:
Nifty IT: बड़े शेयरों पर भारी पड़े मिड-कैप्स, Q2 नतीजों से पहले IT इंडेक्स में आई रौनक

Q2 FY27 नतीजों के आने से ठीक पहले Nifty IT इंडेक्स **28,235** के स्तर पर पहुंच गया है। इस तेजी के पीछे बड़ी कंपनियों के मुकाबले मिड-कैप आईटी शेयरों का बेहतर प्रदर्शन है, जो तेजी से नए बिजनेस डील हासिल कर रहे हैं।

बुधवार के सत्र में Nifty IT इंडेक्स 28,235.10 के स्तर पर बंद हुआ, जो बताता है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजों को लेकर निवेशकों का मूड काफी पॉजिटिव है। बाजार में अब दिग्गजों और मिड-कैप कंपनियों के परफॉर्मेंस के बीच अंतर साफ दिखाई देने लगा है।

दिग्गजों की सुस्त चाल

Kotak Institutional Equities की रिपोर्ट के अनुसार, लार्ज-कैप आईटी कंपनियों के लिए अपना कोर बिजनेस बढ़ाना फिलहाल चुनौती बना हुआ है। अनुमान है कि TCS की ग्रोथ रेट महज 0.5% और Infosys की 1.1% रहने की उम्मीद है। बड़ी कंपनियों पर मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितता और पुराने लेगेसी पोर्टफोलियो का बोझ साफ दिख रहा है।

मिड-कैप्स दिखा रहे दम

इसके उलट, मिड-कैप आईटी कंपनियां नई डील हासिल करने में ज्यादा फुर्तीली साबित हो रही हैं। अनुमान है कि Persistent Systems 7% की ग्रोथ के साथ लीड कर सकती है। वहीं, Coforge और Mphasis की ग्रोथ क्रमश: 4.5% और 3.5% रहने का अनुमान है। इन कंपनियों की निश (niche) मार्केट पर पकड़ और तेजी से काम करने की क्षमता ही इनकी सबसे बड़ी ताकत है।

चुनौतियां अभी भी बरकरार

हालांकि, सेक्टर के सामने कुछ बड़ी मुश्किलें हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने के कारण सर्विस प्राइजिंग पर दबाव है, जिससे करीब 3.5% का नेट डिफ्लेशनरी असर दिख रहा है। इसका मतलब है कि क्लाइंट्स अब ऑटोमेटेड सर्विसेज के लिए कम पैसा खर्च कर रहे हैं, जो प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल रहा है। इसके अलावा, करेंसी में उतार-चढ़ाव का असर Tech Mahindra और LTM जैसी कंपनियों की कमाई पर पड़ सकता है, जिन्हें विदेशी मुद्रा में नुकसान उठाना पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.