ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक दबावों के बीच Nifty IT इंडेक्स लगातार तीसरे दिन गिरकर **28,366.7** के स्तर पर आ गया है। ब्रोकरेज फर्म CLSA ने डिस्क्रिशनरी स्पेंडिंग में कमी की चेतावनी दी है, जिससे Infosys और Wipro जैसे दिग्गज शेयरों पर दबाव बढ़ गया है।
22 सितंबर को Nifty IT इंडेक्स में 1.5% की गिरावट देखी गई, जो 28,366.7 के स्तर पर बंद हुआ। यह घरेलू टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए लगातार तीसरा कारोबारी दिन है जब इंडेक्स लाल निशान में रहा है। निवेशक अब अर्निंग्स सीजन से पहले कंपनियों के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नजर टिकाए हुए हैं।
अर्निंग्स पर ब्रोकरेज की राय
CLSA ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि हाई इंटरेस्ट रेट्स, लगातार बढ़ती महंगाई और जियोपोलिटिकल अनिश्चितता के कारण कंपनियों का टेक्नोलॉजी बजट प्रभावित हो रहा है। ब्रोकरेज ने Infosys और Wipro के लिए अर्निंग्स रिस्क की चेतावनी दी है। CLSA ने TCS, Infosys और HCLTech पर 'Hold' की रेटिंग बरकरार रखी है, जबकि Wipro को 'Underperform' करार दिया है। उनके अनुमान के मुताबिक, Wipro पर 2027 फाइनेंशियल ईयर तक अर्निंग्स का दबाव बना रह सकता है।
सेक्टर में स्थिरता और बदलाव
नेगेटिव माहौल के बीच BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस) सेगमेंट से मिल रही डिमांड राहत का काम कर रही है। हालांकि, बाजार में विविधता दिख रही है; Oracle Financial Services Software (OFSS) ने इस गिरावट के विपरीत 1% से ज्यादा की बढ़त हासिल की। यह तेजी एक डेटा सेंटर प्रोजेक्ट से जुड़ी खबरों के कारण आई, जो साबित करता है कि खास प्रोजेक्ट अपडेट्स कभी-कभी सेक्टर के पूरे सेंटीमेंट पर भारी पड़ सकते हैं।
अब सबकी नजरें अर्निंग्स से पहले आने वाले मैनेजमेंट के बयानों पर हैं, जिससे यह साफ हो पाएगा कि कंपनियां अपने प्रॉफिट मार्जिन को बचाने में कितनी सक्षम हैं।
