8 अक्टूबर को Nifty 50 में **1.64%** की बड़ी गिरावट आई और यह **22,231** के स्तर पर बंद हुआ, जो अप्रैल 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें और FII की बिकवाली के बीच, कुछ ऐसे स्टॉक्स हैं जिन्होंने बाजार के दबाव के बावजूद दम दिखाया है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए 8 अक्टूबर का दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। Nifty 50 में 1.64% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे इंडेक्स 22,231 के स्तर पर आ गया। यह अप्रैल 2025 के बाद का सबसे कमजोर प्रदर्शन है। इस बिकवाली के पीछे मुख्य रूप से ग्लोबल मैक्रो संकेत जिम्मेदार हैं, जिसमें ब्रेंट क्रूड ऑयल का $104 प्रति बैरल के करीब बने रहना और US ट्रेजरी यील्ड में उछाल शामिल है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी सेंटीमेंट्स को बिगाड़ दिया है।\n\nइस भारी उतार-चढ़ाव के बीच, टेक्निकल एनालिस्ट्स का ध्यान उन चुनिंदा शेयरों पर है जो बाजार की कमजोरी के बावजूद मजबूत बने हुए हैं। PNB Housing Finance का चार्ट काफी आकर्षक दिख रहा है, जहां शेयर अपने सपोर्ट एरिया से रिकवर कर रहा है। वहीं, Bharti Hexacom ने शानदार वॉल्यूम के साथ ₹1,450 के रेजिस्टेंस लेवल को पार किया है।\n\nइसके अलावा, NTPC Green Energy चार्ट पर बुलिश पैटर्न दिखा रही है। अन्य शेयरों में Lemon Tree Hotels, Hexaware Technologies और V-Mart Retail पर भी ट्रेडर्स की नजर है। एक्सचेंज स्पेस में BSE का स्टॉक अपने 200-डे मूविंग एवरेज के ऊपर बंद होने के कारण चर्चा में है।\n\nहालांकि, निवेशकों को सलाह दी गई है कि किसी भी तकनीकी सेटअप को देख कर जल्दबाजी न करें, क्योंकि ईरान में चल रहे भू-राजनीतिक संघर्ष और ग्लोबल महंगाई के कारण बाजार का मूड अभी बहुत नाजुक बना हुआ है। अब ट्रेडर्स की नजर Nifty के अगले सपोर्ट लेवल 21,950 पर टिकी है। बाजार में रिस्क बहुत ज्यादा है, इसलिए स्टॉप-लॉस का पालन करना अनिवार्य है।
