भारतीय शेयर बाज़ार में तेज़ी का सिलसिला जारी है। निफ्टी (Nifty) ने बीते हफ़्ते **10 हफ़्ते** के उच्चतम स्तर **24,270** पर क्लोजिंग दी है। इस तेज़ी में पॉजिटिव टेक्निकल इंडिकेटर्स का बड़ा हाथ है। हालांकि, बाज़ार के जानकारों का कहना है कि कुछ रेजिस्टेंस ज़ोन के चलते निवेशकों को 'buy the dips' की रणनीति अपनानी चाहिए। वहीं, ब्रोकरेज फर्म Angel One ने IndusInd Bank और Zydus Lifesciences के शेयरों में हालिया ब्रेकआउट पैटर्न पर ख़ास ध्यान दिलाया है।
निफ्टी की ताबड़तोड़ क्लोजिंग
भारतीय इक्विटी बेंचमार्क, निफ्टी 50, ने ट्रेडिंग हफ़्ते का अंत 24,270 के स्तर पर किया। यह पिछले ढाई महीने से ज़्यादा समय में निफ्टी की सबसे मज़बूत साप्ताहिक क्लोजिंग रही। लगातार तीन सत्रों की तेज़ी के बाद, यह क्लोजिंग रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के बाद बाज़ार में आए मोमेंटम को दर्शाती है। इंडेक्स का इन लेवल्स को बनाए रखना बताता है कि बाज़ार का सेंटीमेंट कंस्ट्रक्टिव हो गया है। इसमें बुलिश ब्रेकअवे गैप और 14-दिन के रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) पर पॉजिटिव क्रॉसओवर जैसे टेक्निकल इंडिकेटर्स का भी सहारा मिला है।
बाज़ार का आउटलुक और सपोर्ट लेवल्स
भले ही निफ्टी में तेज़ी दिख रही है, एनालिस्ट्स का मानना है कि आगे बाज़ार में कुछ वोलेटिलिटी रह सकती है, क्योंकि इंडेक्स बड़े रेजिस्टेंस ज़ोन के पास पहुंच रहा है। निवेशकों के लिए, 24,180 और 24,100 के बीच का ज़ोन इमीडिएट सपोर्ट का काम करेगा। जबकि 23,850 से 23,800 की रेंज एक मज़बूत फाउंडेशन का संकेत दे रही है। ऊपर की ओर, निफ्टी को 24,400 से 24,450 के बीच नज़दीकी रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है, और फिर 24,550 से 24,600 पर एक और बड़ी चुनौती होगी। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स भी अपने क्रिटिकल रेजिस्टेंस लेवल्स के पास ट्रेड कर रहा है, इसलिए कुछ जानकारों का सुझाव है कि इन टेक्निकल बैरियर्स के साफ होने तक आक्रामक खरीदारी थोड़ी जोखिम भरी हो सकती है।
सेक्टर और स्टॉक की चाल
ब्रॉडर रैली के बावजूद, BANKNIFTY इंडेक्स में हालिया तेज़ी के बाद कुछ नरमी के संकेत दिखे हैं, जो बैंकिंग सेक्टर में कुछ सावधानी को दर्शाते हैं। ऐसे में, एनालिस्ट्स ने उन ख़ास स्टॉक्स पर ध्यान केंद्रित किया है जिनमें इंडिपेंडेंट ब्रेकआउट पैटर्न दिख रहा है।
IndusInd Bank ने एक लंबी कंसॉलिडेशन अवधि के बाद सबका ध्यान खींचा है। स्टॉक में एक टेक्निकल ब्रेकआउट देखने को मिला है, जिसे कुछ एनालिस्ट्स बाज़ार में नई दिलचस्पी का संकेत मान रहे हैं। निवेशक अक्सर ऐसे मूवमेंट्स को ट्रैक करते हैं ताकि यह जान सकें कि स्टॉक मज़बूत प्राइस लेवल्स को बनाए रख पाएगा या नहीं। हालांकि, इसका प्रदर्शन व्यापक बैंकिंग सेक्टर के ट्रेंड्स और एसेट क्वालिटी से जुड़ा रहेगा।
इसी तरह, Zydus Lifesciences को उसके हालिया रेंज ब्रेकआउट के लिए सराहा गया है। यह स्टॉक, जो कि कॉम्पिटिटिव फार्मा सेक्टर में काम करता है, अपने पिछले अपट्रेंड को जारी रखने का संकेत दे रहा है। किसी भी इक्विटी इन्वेस्टमेंट की तरह, इन मूव्स की सस्टेनेबिलिटी सिर्फ टेक्निकल पैटर्न पर ही नहीं, बल्कि कंपनी के फंडामेंटल्स, जिसमें तिमाही प्रॉफिट ग्रोथ और मैनेजमेंट का एग्जीक्यूशन शामिल है, पर भी निर्भर करेगी। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या ये स्टॉक्स वोलेटिलिटी का शिकार हुए बिना अपनी मोमेंटम बनाए रख पाते हैं।
