ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय बाजार पर दबाव डाल दिया है। Nifty50 इस हफ्ते **2.36%** फिसलकर **22,600** पर आ गया है, जिससे अब निवेशकों की नजरें **22,500** के अहम सपोर्ट लेवल पर टिक गई हैं।
भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Nifty50 के लिए यह हफ्ता काफी चुनौतीपूर्ण रहा। इंडेक्स में आई 2.36% की गिरावट न केवल बड़े शेयरों तक सीमित रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी भारी बिकवाली का माहौल देखा गया। बाजार की इस सुस्ती के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुस्त संकेत और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल प्रमुख कारण रहे हैं।
अहम टेक्निकल लेवल और सपोर्ट
मार्केट एक्सपर्ट्स की नजरें अब 22,500 के सपोर्ट जोन पर हैं। यह एक बेहद महत्वपूर्ण लेवल है। अगर बाजार इसे होल्ड करने में नाकाम रहता है, तो इंडेक्स 22,200 या फिर 22,000 के स्तर तक भी फिसल सकता है। बाजार में फिर से तेजी लौटने के लिए Nifty का अपने 20-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी 22,840 के ऊपर निकलना बहुत जरूरी है। जब तक इंडेक्स इस लेवल के ऊपर सस्टेन नहीं करता, तब तक ऊपरी दायरे को छूना मुश्किल लग रहा है।
इन शेयरों में दिखी मजबूती
बाजार की इस खराब हालत के बावजूद कुछ ऐसे शेयर रहे हैं जिन्होंने अपने टेक्निकल चार्ट पर दमखम दिखाया है:
- JSW Cement: यह शेयर गिरावट के बाद अब कंसोलिडेशन फेज में है और इसके 20-डे मूविंग एवरेज के करीब रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं।
- Anand Rathi: एक्सपर्ट्स ने इस शेयर में 100-डे मूविंग एवरेज के पास से रिवर्सल के आसार जताए हैं, जो इसे लॉन्ग-टर्म सपोर्ट के लिए अहम बनाता है।
- FSL: यह शेयर अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहा है, जहाँ MACD और RSI जैसे टेक्निकल इंडिकेटर इसे सपोर्ट दे रहे हैं।
हालांकि, ये केवल टेक्निकल चार्ट्स पर आधारित अवलोकन हैं, जो भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं देते। बाजार की वोलेटिलिटी और ग्लोबल इकोनॉमी के बदलते हालात किसी भी स्टॉक के ट्रेंड को तेजी से बदल सकते हैं।
