शेयर बाजार में मंदी का दौर जारी है। Nifty 50 लगातार छठे दिन गिरकर अपने क्रिटिकल सपोर्ट लेवल **22,950** के पास पहुंच गया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशक काफी सतर्क नजर आ रहे हैं।
भारतीय शेयर बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है। Nifty 50 इंडेक्स लगातार 6 ट्रेडिंग सेशन से लोअर-लो बना रहा है। तकनीकी जानकारों की नजर अब 22,950 के लेवल पर टिकी है, जो बाजार के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।
बाजार का मिजाज और चुनौतियां
मार्केट में 'सेल ऑन राइज' (Sell on rise) की रणनीति हावी है, यानी जैसे ही बाजार थोड़ा ऊपर जाता है, बिकवाली शुरू हो जाती है। इसके पीछे मुख्य कारण $108 प्रति बैरल के करीब पहुंचती क्रूड ऑयल की कीमतें, गिरता हुआ रुपया और महंगाई की चिंता है। साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की आने वाली पॉलिसी मीटिंग के कारण ट्रेडर्स रिस्क लेने से बच रहे हैं। Bank Nifty में भी ऊपर के स्तरों से मुनाफावसूली का दौर जारी है।
स्टॉक्स पर एक्शन
इंडेक्स की सुस्ती के बीच कुछ शेयरों में तकनीकी हलचल है:
- Kalyan Jewellers: यह शेयर मजबूत दिख रहा है। यदि यह ₹620 के स्तर को पार करता है, तो इसमें ब्रेकआउट की संभावना बन सकती है।
- DLF: इसके फ्यूचर्स में कमजोरी है। ₹630 के नीचे फिसलने पर इसमें और गिरावट के संकेत मिल रहे हैं।
आगे की राह
अगर निफ्टी 22,950 के सपोर्ट को नहीं बचा पाता है, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है। ऐसी स्थिति में 22,800 और 22,700 के स्तर अगले सपोर्ट के रूप में काम करेंगे। निवेशकों को सलाह है कि बाजार की स्थिरता के लिए वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए रखें।
