भारतीय बाजार में जबरदस्त मंदी का दौर है। Nifty 50 लगातार 8 हफ्तों से गिरकर **22,200** के क्रिटिकल सपोर्ट लेवल पर आ गया है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच एनालिस्ट्स ने GE Vernova T&D, Graphite India और Cyient को वॉचलिस्ट में रखा है।
भारतीय शेयर बाजार फिलहाल एक बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है। Nifty 50 इंडेक्स लगातार 8 हफ्तों से लाल निशान में बंद हो रहा है, जो पिछले 25 सालों का सबसे खराब प्रदर्शन है। मार्केट की नजरें अब 22,200 से 22,000 के दायरे पर टिकी हैं, जिसे एक मजबूत टेक्निकल सपोर्ट माना जा रहा है।
गिरावट की असली वजह
इस मंदी के पीछे सबसे बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की जबरदस्त बिकवाली है। साल 2026 के पहले 9 महीनों में FIIs ने भारतीय बाजार से ₹3 लाख करोड़ से ज्यादा की पूंजी निकाल ली है। इसके साथ ही अमेरिका में बढ़ती ट्रेजरी यील्ड (US Treasury yields), क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें और कमजोर रुपया सेंटीमेंट को और खराब कर रहे हैं।
एक्सपर्ट्स की वॉचलिस्ट में कौन से शेयर?
बाजार की इस धुंध के बीच, एनालिस्ट्स कुछ चुनिंदा स्टॉक्स पर दांव लगा रहे हैं। ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में GE Vernova T&D India, Graphite India और Cyient को 'टैक्टिकल ट्रेड्स' के लिए चुना गया है। ये स्टॉक्स चार्ट पैटर्न के हिसाब से रिवर्सल के संकेत दे रहे हैं, लेकिन ध्यान रहे कि ये केवल शॉर्ट-टर्म ट्रेड हैं, लंबी अवधि का निवेश नहीं।
निवेशकों के लिए सलाह
अगर Nifty 22,200 का लेवल होल्ड नहीं कर पाता है, तो बाजार में और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। मौजूदा हालात में 'कैपिटल प्रिजर्वेशन' यानी अपनी पूंजी बचाकर रखना सबसे जरूरी है। जब तक बाजार में स्थिरता के ठोस संकेत न मिलें, तब तक रिस्क मैनेजमेंट को प्राथमिकता दें।
