लगातार 6 हफ्तों की सुस्ती के बाद Nifty 50 अब **23,000** से **23,600** के दायरे में फंस गया है। जहां बेंचमार्क इंडेक्स संघर्ष कर रहे हैं, वहीं Nifty Smallcap 250 इंडेक्स में मजबूती दिख रही है और निवेशक Pharma और Healthcare जैसे डिफेंसिव सेक्टर पर दांव लगा रहे हैं।
भारतीय बाजार फिलहाल एक बड़े कंसोलिडेशन फेज से गुजर रहा है। पिछले 6 हफ्तों की लगातार गिरावट के बाद Nifty 50 को 23,600 के लेवल पर तगड़ा रेजिस्टेंस मिल रहा है। चार्ट पर देखें तो 23,000 का लेवल फिलहाल सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर इंडेक्स इस दायरे को नहीं तोड़ पाता है, तो आने वाले समय में 22,500 से 22,700 के लेवल को टेस्ट करने का रिस्क बना हुआ है।
स्मॉलकैप में उम्मीद की किरण
बेंचमार्क इंडेक्स के उलट, Nifty Smallcap 250 इंडेक्स अपनी रिलेटिव स्ट्रेंथ दिखा रहा है। यह इंडेक्स अपने 50-वीक एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) यानी 17,180 के ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसके लिए 18,450 से 18,500 का स्तर एक हर्डल है। यदि इसे पार कर लिया जाता है, तो यह 19,000 तक का सफर तय कर सकता है।
सेक्टर का हाल
ग्लोबल स्पेंडिंग में अनिश्चितता के कारण IT सेक्टर अभी भी दबाव में है। Nifty IT के लिए 25,700-25,800 का सपोर्ट लेवल बेहद अहम है। इसके नीचे फिसलने से इंडेक्स अपने पुराने निचले स्तरों पर जा सकता है।
इसके विपरीत, फार्मा (Pharma) और हेल्थकेयर (Healthcare) जैसे डिफेंसिव सेक्टर में निवेशकों का पैसा लग रहा है। मेटल और टेक स्टॉक्स की तुलना में ये सेक्टर काफी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जो यह बताता है कि फिलहाल बाजार का भरोसा घरेलू कंपनियों पर ज्यादा है।
