Nifty: सपोर्ट टूटा, लेकिन VIX शांत! ट्रेडर्स ने निकाली ये नई चाल

BROKERAGE-REPORTS
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Nifty: सपोर्ट टूटा, लेकिन VIX शांत! ट्रेडर्स ने निकाली ये नई चाल

Nifty **23,873.45** के स्तर तक फिसल गया है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि India VIX अभी भी **10.68** पर स्थिर है। बाजार में पैनिक न दिखने के कारण ट्रेडर्स अब 'Put Ratio Backspread' जैसी एडवांस डेरिवेटिव स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि गिरावट का फायदा उठाया जा सके।

बाजार की अनूठी स्थिति

Nifty 50 ने अपने प्रमुख कंसोलिडेशन लेवल को तोड़ दिया है और इंडेक्स 23,873.45 पर बंद हुआ है। आमतौर पर, ऐसी गिरावट के समय India VIX में उछाल देखने को मिलता है, जो बाजार में डर और अस्थिरता को दर्शाता है। लेकिन इस बार VIX महज 10.68 पर है, जिसका मतलब है कि बड़े निवेशक अभी भी किसी बड़े क्रैश को लेकर डरे हुए नहीं हैं। कीमतों में गिरावट और कम वोलेटिलिटी का यह मेल ट्रेडर्स के लिए एक अलग तरह का मौका बना रहा है।

Put Ratio Backspread का गणित

इस माहौल में कई ट्रेडर्स 'Put Ratio Backspread' को आजमा रहे हैं। यह स्ट्रैटेजी तब अपनाई जाती है जब ट्रेडर को लगता है कि बाजार में गिरावट आ सकती है लेकिन वे बहुत ज्यादा प्रीमियम नहीं देना चाहते। इसमें ट्रेडर मौजूदा बाजार भाव के पास एक 'पुट ऑप्शन' बेचता है और उससे मिले प्रीमियम से कम स्ट्राइक प्राइस वाले दो 'पुट ऑप्शन' खरीदता है।

इससे फायदा यह होता है कि हेजिंग की लागत या तो कम हो जाती है या शून्य हो जाती है। अगर Nifty में तेज गिरावट आती है, तो खरीदे गए दोनों पुट ऑप्शन तेजी से बढ़ते हैं, जिससे ट्रेडर को मोटा मुनाफा हो सकता है।

इस दांव में छुपे खतरे

भले ही यह स्ट्रैटेजी सुनने में असरदार लगे, लेकिन इसमें जोखिम बहुत है। अगर Nifty उम्मीद के मुताबिक नीचे नहीं गिरता है और एक सीमित दायरे (Range-bound) में ट्रेड करता है, तो यह रणनीति नुकसान दे सकती है। अगर एक्सपायरी तक इंडेक्स स्ट्राइक प्राइस के बीच में अटका रहता है, तो ट्रेडर को अपनी पूरी निवेशित पूंजी गंवानी पड़ सकती है।

इसके अलावा, कम वोलेटिलिटी (VIX) का मतलब यह भी है कि अगर कोई अचानक घटना होती है और VIX स्पाइक करता है, तो ऑप्शन की कीमतें अप्रत्याशित रूप से बदल सकती हैं, जिससे पोजीशन मैनेज करना मुश्किल हो जाएगा।

आगे की राह

आने वाले कुछ सेशन बाजार के लिए बेहद अहम होंगे। ट्रेडर्स को ध्यान रखना होगा कि क्या बाजार में 'मोमेंटम' बना रहता है या नहीं। यदि Nifty लगातार गिरता है तो यह स्ट्रैटेजी काम कर सकती है, लेकिन रिकवरी की स्थिति में नुकसान बढ़ सकता है। फिलहाल, निवेशकों के लिए Nifty के सपोर्ट लेवल्स और VIX की हलचल पर नजर बनाए रखना सबसे समझदारी भरा कदम है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.