ग्लोबल मार्केट से मिले सुस्त संकेतों और प्रॉफिट बुकिंग के चलते बुधवार को भारतीय बाजार में गिरावट देखी गई। Nifty 50 इंडेक्स **0.44%** फिसलकर **22,622.70** के स्तर पर बंद हुआ। जहां IT शेयरों ने थोड़ा सहारा दिया, वहीं विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण मार्केट में सतर्कता का माहौल है।
बाजार का हाल और ग्लोबल दबाव
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी बरकरार रखने में मुश्किल हुई। प्रॉफिट बुकिंग और ग्लोबल फैक्टर्स के चलते निफ्टी 0.44% गिरकर 22,622.70 पर बंद हुआ। हालांकि आईटी सेक्टर ने कुछ हद तक मजबूती दिखाई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार अभी एक कंसोलिडेशन फेज में है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें, जो $106-$107 प्रति बैरल के आसपास हैं, निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं क्योंकि इससे इम्पोर्ट कॉस्ट बढ़ने का डर रहता है।
Religare Broking का स्टॉक रडार
ब्रोकरेज फर्म Religare ने कुछ शेयरों पर अपनी राय दी है। फर्म ने BHEL और HAL को अपनी पसंद में शामिल किया है। इनका मानना है कि डिफेंस और पावर सेक्टर की इन कंपनियों में सरकारी ऑर्डर्स के दम पर लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की संभावनाएं बनी हुई हैं। HAL अपनी लॉन्ग-टर्म एवरेज के पास बेस बनाता हुआ नजर आ रहा है, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक है।
कहां बरतना है सावधानी?
दूसरी तरफ, ब्रोकरेज ने InterGlobe Aviation (IndiGo) के फ्यूचर्स को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। स्टॉक पर लगातार बिकवाली का दबाव है और यह अपने अहम रेजिस्टेंस लेवल को पार करने में संघर्ष कर रहा है। एविएशन सेक्टर पर फ्यूल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर पड़ता है, जिसे देखते हुए एनालिस्ट्स ने निवेशकों को सावधानी बरतने के लिए कहा है।
टेक्निकल लेवल्स पर नजर
तकनीकी चार्ट्स के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,850 का स्तर एक बड़ी बाधा बना हुआ है। अगर इंडेक्स को 23,000 की ओर बढ़ना है, तो इस रेजिस्टेंस को पार करना जरूरी होगा। वहीं, गिरावट की स्थिति में 22,200 से 22,400 का दायरा मजबूत सपोर्ट जोन का काम कर सकता है।
