भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों थोड़ी सुस्ती छाई हुई है। Nifty 50 और Bank Nifty दोनों ही इंडेक्स एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं, जिससे निवेशकों को समझ नहीं आ रहा कि बाजार किस दिशा में जाएगा। ऐसे में, सभी की निगाहें महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल्स पर टिकी हैं।
Nifty 50 की चाल: कहां है सपोर्ट और रेजिस्टेंस?
मार्केट एनालिस्ट्स की मानें तो Nifty 50 फिलहाल 23,950 के आसपास सपोर्ट बना रहा है। यह लेवल 20-दिन और 50-दिन के मूविंग एवरेज के करीब है। मार्केट के जानकारों का कहना है कि अगर Nifty इस लेवल को बनाए रखता है, तो गिरावट रुक सकती है। ऊपर की ओर, इंडेक्स को 24,100 से 24,300 के बीच रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। अगर Nifty इस रेंज को पार कर 24,500 से 24,600 तक जाता है, तो तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, अगर 23,950 का सपोर्ट टूटता है, तो यह 23,800 तक भी गिर सकता है।
फिलहाल, मार्केट में कोई खास तेजी या मंदी का रुझान नहीं दिख रहा है। Average Directional Index (ADX) जैसे इंडिकेटर्स में गिरावट यह बताती है कि मौजूदा ट्रेंड कमजोर है और ज्यादातर ट्रेडिंग शॉर्ट-टर्म पैटर्न पर आधारित है।
Bank Nifty की स्थिति
Nifty 50 की तरह ही Bank Nifty भी एक सीमित दायरे में फंसा हुआ है। बैंकिंग इंडेक्स के लिए 57,200 से 57,300 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर यह लेवल टूटता है, तो 56,500 तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। ऊपर की तरफ, 58,200 से 58,300 के बीच एक मजबूत रेजिस्टेंस है। इस लेवल को पार करने पर 59,000 और फिर 59,600 तक जाने की उम्मीद है।
बाजार का मिजाज और आगे क्या?
फिलहाल, बड़े इंडेक्स में कोई क्लियर ट्रेंड न होने के कारण निवेशक स्टॉक-स्पेसिफिक यानी किसी खास शेयर में निवेश पर ध्यान दे रहे हैं। ग्लोबल ऑयल प्राइस और VIX (वोलेटिलिटी इंडेक्स) जैसे बाहरी फैक्टर्स भी मार्केट सेंटीमेंट को प्रभावित कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि Nifty 50 अपना 23,950 का सपोर्ट लेवल बनाए रख पाता है या Bank Nifty 58,200 के रेजिस्टेंस को तोड़ पाता है। जब तक कोई एक स्पष्ट ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता, तब तक बाजार में इसी तरह की कंसॉलिडेशन (साइडवेज) फेज देखने को मिल सकता है।
