बाजार के जानकारों की मानें तो Nifty 50 पर अल्पावधि में दबाव दिख सकता है और यह **23,650** के सपोर्ट लेवल तक गिर सकता है। वहीं, Bank Nifty के **55,900** और **57,500** के बीच ट्रेड करने की उम्मीद है। रिटेल और फार्मा जैसे सेक्टर में खास शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर है।
भारतीय शेयर बाजार में इस वक्त काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसके चलते जानकारों ने अल्पावधि (short-term) के लिए थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी है।
Nifty 50 में कमजोरी के संकेत मिले हैं, और बाजार के दिग्गजों की नजर अब अहम सपोर्ट जोन पर है। 15 जून को 23,650 और 23,800 के बीच बने गैप पर खास ध्यान देना होगा, क्योंकि अगर बिकवाली का दबाव जारी रहा तो यह एक मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है। मौजूदा ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताओं को देखते हुए, ट्रेडर्स को लंबी अवधि के दांव लगाने के बजाय इंट्रा-डे ट्रेडिंग पर फोकस करने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि ये अनिश्चितताएं अचानक बाजार में बड़ी हलचल पैदा कर सकती हैं।
Bank Nifty की चाल और सपोर्ट लेवल
हाल ही में Bank Nifty इंडेक्स में 2.5% से ज्यादा की गिरावट आई और यह 57,300 के सपोर्ट लेवल के नीचे चला गया। हालांकि, कुछ बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह 3 जून से शुरू हुई तेजी का एक सामान्य करेक्शन (retracement) है, न कि किसी बड़ी गिरावट की शुरुआत। उम्मीद है कि यह इंडेक्स 55,900 और 57,500 के दायरे में ट्रेड करेगा। अगर इंडेक्स 56,550 के लेवल को बनाए रखने में नाकाम रहता है, तो यह 55,890 के 50% रिट्रेसमेंट लेवल की ओर बढ़ सकता है। बैंकिंग इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57,300 और 57,500 पर है।
रिटेल और फार्मा स्टॉक्स का हाल
बाजार के मौजूदा माहौल पर अलग-अलग शेयरों का रिएक्शन भी अलग-अलग है। FSN E-Commerce Ventures (Nykaa) और JB Chemicals and Pharmaceuticals, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) के हिसाब से ओवरबॉट (overbought) लेवल पर पहुंच गए हैं। जब यह इंडिकेटर ऊंचे स्तर पर होता है, तो यह अक्सर संकेत देता है कि स्टॉक में कुछ समय के लिए कंसॉलिडेशन (consolidation) या हल्की गिरावट आ सकती है, क्योंकि निवेशक मुनाफावसूली करते हैं। Nykaa पर बाजार की नजर बनी हुई है, कि क्या यह ₹300 के ऊपर टिके रह सकता है। JB Chemicals के लिए ₹2,295 के लेवल पर नजर रखी जा रही है, जो आगे चलकर ₹2,600 तक की चाल तय कर सकता है।
इसके विपरीत, Unichem Laboratories ने हाल ही में अच्छी खरीदारी देखी है और मजबूत ट्रेडिंग वॉल्यूम के सहारे 11 महीने का हाई बनाया है। निवेशक इस बात पर नजर रख रहे हैं कि क्या यह स्टॉक ₹520 के सपोर्ट लेवल को बनाए रख सकता है। जैसे-जैसे बाजार के प्रतिभागी इन उतार-चढ़ावों से निपट रहे हैं, मुख्य फोकस इस बात पर बना हुआ है कि ग्लोबल दबावों के सामने इंडेक्स सपोर्ट लेवल कैसे टिके रहते हैं और क्या सेक्टर-स्पेसिफिक मोमेंटम व्यापक मुनाफावसूली के बीच बना रह सकता है।
