शेयर बाजार में पिछले **7** हफ्तों से जारी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। Nifty 50 अब **23,000** के नाजुक सपोर्ट लेवल पर खड़ा है, जहाँ से मार्केट की अगली चाल तय होगी। बैंकिंग सेक्टर में भी दबाव साफ दिख रहा है।
बाजार पर दबाव और तकनीकी संकेत
भारतीय शेयर बाजार के लिए यह दौर काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। Nifty 50 में लगातार 7 हफ्तों की गिरावट ने साल 2020 की यादें ताजा कर दी हैं। फिलहाल इंडेक्स अपने 50-दिन और 100-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो मीडियम-टर्म ट्रेंड के कमजोर होने का संकेत है। अगर निफ्टी 23,270 से 23,300 के रेजिस्टेंस जोन को पार नहीं कर पाता है, तो बिकवाली का दबाव इंडेक्स को 22,800 और 22,600 के निचले स्तरों तक ले जा सकता है।
बैंकिंग सेक्टर का हाल
Bank Nifty की स्थिति भी कुछ खास अच्छी नहीं है। पिछले 5 हफ्तों से लगातार गिरते हुए यह इंडेक्स 55,000 के महत्वपूर्ण सपोर्ट को टेस्ट कर रहा है। दिग्गज शेयर HDFC Bank अभी भी अपने अहम एवरेज से नीचे संघर्ष कर रहा है। यदि इंडेक्स 55,000 के स्तर को नहीं बचा पाता है, तो अगले पड़ाव के तौर पर 54,400 का स्तर फोकस में रहेगा।
स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन
गिरावट के इस माहौल में भी कुछ शेयरों में हलचल है:
- Jubilant Pharmova: चार्ट पर ब्रेकआउट के साथ यह स्टॉक मार्केट के मुकाबले बेहतर मजबूती दिखा रहा है।
- Privi Speciality Chemicals: कंसोलिडेशन के बाद स्टॉक में पॉजिटिव मोमेंटम देखने को मिल रहा है।
- Zydus Lifesciences: शेयर अपने 100-दिन के मूविंग एवरेज के करीब है, जो कि सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है।
वहीँ दूसरी तरफ, Welspun Corp जैसे शेयरों में प्राइस और मोमेंटम इंडिकेटर्स के बीच अंतर (divergence) दिख रहा है, जो कि प्रॉफिट-बुकिंग का संकेत हो सकता है। फिलहाल निवेशकों को 23,000 और 55,000 के लेवल पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि यही अगले ट्रेंड का फैसला करेंगे।
