3 सितंबर, 2026 को Nifty 50 इंडेक्स 23,873.45 के स्तर पर बंद हुआ और 24,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर पार करने में विफल रहा। हालांकि ब्रॉडर मार्केट में कमजोरी है, लेकिन Bank Nifty में 0.36% की मजबूती देखी गई है, जो मार्केट में एक स्पष्ट डायवर्जेंस दिखा रही है।
3 सितंबर, 2026 को Nifty 50 में 0.17% की गिरावट दर्ज की गई और इंडेक्स 23,873.45 पर बंद हुआ। 24,000 का स्तर अब सपोर्ट के बजाय एक मजबूत रेजिस्टेंस (Resistance) बन गया है, जहां से बार-बार बिकवाली हावी हो रही है।
टेक्निकल मोर्चे पर चुनौती
मार्केट का स्ट्रक्चर फिलहाल कमजोर बना हुआ है। डेली चार्ट पर RSI 40 के आसपास है, जो खरीदारी की कमी को दर्शाता है। वहीं, MACD इंडिकेटर भी संकेत दे रहा है कि बाजार पर सेलर्स का नियंत्रण है। ऑप्शन डेटा के अनुसार, 24,000 के स्ट्राइक प्राइस पर भारी कॉल राइटिंग है, जिससे ऊपर की ओर जाने में इंडेक्स को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
सेक्टर का हाल: मिली-जुली तस्वीर
बाजार में इस समय दोतरफा रुख है। एक तरफ Bank Nifty ने 0.36% की बढ़त के साथ मजबूती दिखाई है, वहीं दूसरी ओर IT, Auto और FMCG सेक्टर में बिकवाली का दबाव बना हुआ है। निवेशक अब सिलेक्टिव हो रहे हैं और पैसे को डिफेंसिव या फाइनेंशियल शेयरों की ओर घुमा रहे हैं।
आगे की रणनीति और सपोर्ट लेवल्स
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें $90 से $95 प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जो चिंता का विषय है। अब नजरें 23,800 के सपोर्ट जोन पर टिकी हैं। अगर इंडेक्स इसे नहीं बचा पाता, तो यह 23,600 की ओर फिसल सकता है। तेजी के लिए निफ्टी का 24,000 के ऊपर टिकना अनिवार्य है, तभी बाजार का सेंटीमेंट सुधर पाएगा।
