Reserve Bank of India (RBI) द्वारा रेपो रेट बढ़ाकर **5.50%** करने के बाद भारतीय बाजार में दबाव दिख रहा है। Nifty 50 बुधवार को **0.69%** गिरकर **22,619** के स्तर पर बंद हुआ, और अब निवेशकों की नजर **22,560** के सपोर्ट लेवल पर टिकी है।
बुधवार को बाजार की शुरुआत गैप-डाउन के साथ हुई और Nifty 50 इंडेक्स दिन भर दबाव में रहा। RBI के इस कदम से कर्ज लेना महंगा होगा, जिसका सीधा असर ऑटो, रियल एस्टेट और NBFC जैसे ब्याज-संवेदनशील सेक्टरों पर पड़ रहा है।
बाजार पर मैक्रो इकोनॉमिक्स का दबाव
सिर्फ रेपो रेट ही नहीं, बल्कि ग्लोबल स्तर पर बढ़ती मुश्किलों ने भी निवेशकों को डराया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent crude) की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जो महंगाई की चिंता बढ़ा रही है। साथ ही, भारतीय रुपया (Rupee) भी कमजोर होकर 96.57 प्रति डॉलर के करीब पहुंच गया है। इन कारकों के चलते बाजार में बिकवाली हावी रही, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 6:44 रहा।
अब आगे क्या? (टेक्निकल आउटलुक)
तकनीकी जानकारों के लिए 22,560 से 22,600 का रेंज एक क्रिटिकल सपोर्ट जोन है। अगर इंडेक्स इस स्तर को बचाने में कामयाब रहता है, तो एक मामूली रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, अगर Nifty 22,560 के नीचे फिसलता है, तो इंडेक्स 22,500 और 22,400 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, रिकवरी के लिए इंडेक्स को 22,800 से 22,850 के रेजिस्टेंस को पार करना होगा।
