भारतीय शेयर बाजार में आज फिर दबाव दिख रहा है, निफ्टी 50 (Nifty 50) एक अहम सपोर्ट लेवल **23,600** के करीब पहुंच गया है। बाजार की यह अस्थिरता फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की लगातार बिकवाली के कारण बनी हुई है, जो हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेच रहे हैं।
Detailed Coverage
निफ्टी पर 23,600 का सपोर्ट कितना मजबूत?
बाजार के जानकारों का कहना है कि निफ्टी 50 के लिए 23,600 का लेवल बहुत महत्वपूर्ण है। अगर यह सपोर्ट टूटता है, तो बाजार में और गिरावट देखने को मिल सकती है, और निफ्टी 23,450 व 23,300 के स्तर तक भी जा सकता है। फिलहाल, टेक्निकल इंडिकेटर्स पर बारीक नजर रखी जा रही है।
FIIs की बिकवाली का असर
बाजार में मौजूदा अस्थिरता की एक बड़ी वजह फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की लगातार बिकवाली है। 24 जुलाई को ही FIIs ने ₹3,893 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि पिछले हफ्ते की कुल बिकवाली ₹7,182 करोड़ रही। इंडेक्स फ्यूचर्स में शॉर्ट पोजीशन बढ़ने से भी बाजार पर दबाव बढ़ा है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि फ्यूचर्स पोजिशनिंग में आए ये एक्सट्रीम लेवल कभी-कभी शॉर्ट-कवरिंग रैली ला सकते हैं, लेकिन अभी सतर्क रहने की जरूरत है।
ग्लोबल और डोमेस्टिक फैक्टर
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना भी निवेशकों की भावना पर भारी पड़ रहा है। इसके अलावा, बॉन्ड यील्ड बढ़ने से इक्विटी जैसे जोखिम भरे एसेट्स की अपील कम हो जाती है। इन सब वजहों से निवेशक नए पोजीशन लेने के बजाय रिस्क मैनेजमेंट पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
कुछ शेयरों में मजबूती
इस दबाव के माहौल में भी कुछ स्टॉक अपनी मजबूती दिखा रहे हैं। उदाहरण के लिए, Titan Company ने हाल ही में अपने कंसॉलिडेशन फेज से ब्रेकआउट दिखाया है और मुख्य मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है। इसी तरह, Manappuram Finance में भी हायर हाई और हायर लो का पैटर्न दिख रहा है, जहां 20-दिन का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) सपोर्ट का काम कर रहा है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि निफ्टी 23,600 के सपोर्ट लेवल को बनाए रख पाता है या नहीं। अगर FIIs की बिकवाली जारी रही, तो निफ्टी और नीचे जा सकता है। वहीं, अगर FIIs के फ्लो में स्थिरता आती है या ग्लोबल टेंशन कम होती है, तो निफ्टी 23,950-24,000 के स्तर तक वापसी कर सकता है।
