ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के बीच Nifty 50 में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इंडेक्स **24,000** के अहम सपोर्ट लेवल को तोड़कर **23,914.45** पर बंद हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त दबाव दिखा और Nifty 50 इंडेक्स 141.35 अंक यानी 0.59% की गिरावट के साथ 23,914.45 पर बंद हुआ। 24,000 का स्तर साइकोलॉजिकल रूप से काफी अहम था, जिसे तोड़ने के बाद अब बाजार में अनिश्चितता का माहौल है।
ग्लोबल संकट और क्रूड ऑयल का असर
बाजार की इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता जियोपॉलिटिकल तनाव है। इस विवाद के कारण सप्लाई चेन बाधित हुई है, जिससे Brent crude ऑयल की कीमतें 6 हफ्ते के उच्च स्तर के करीब पहुंच गई हैं। भारत के लिए, क्रूड का महंगा होना महंगाई और राजकोषीय स्थिति (Fiscal health) पर सीधा असर डालता है, जिससे निवेशक रिस्की एसेट्स से दूरी बना रहे हैं।
टेक्निकल चार्ट क्या कहते हैं?
टेक्निकल तौर पर 24,000 का लेवल बाजार के लिए एक 'Pivot Point' की तरह काम कर रहा था। अब एनालिस्ट 23,700 से 23,800 के रेंज को अगले मजबूत सपोर्ट जोन के रूप में देख रहे हैं। यदि बाजार इस स्तर को नहीं बचा पाया, तो करेक्शन गहरा सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 24,100 से 24,250 की रेंज में तगड़ा रेजिस्टेंस है, जिससे किसी भी उछाल पर बिकवाली का दबाव आ सकता है।
बैंकिंग सेक्टर और मार्केट ब्रेथ
Bank Nifty का हाल भी सुस्त है, जो बिना किसी स्पष्ट दिशा के कंसोलिडेशन फेज में फंसा हुआ है। बैंकिंग के साथ-साथ Auto, IT और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी वोलेटिलिटी बढ़ गई है। इसके अलावा, अमेरिका में बढ़ती बॉन्ड यील्ड्स ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का आकर्षण कम किया है, जिससे मार्केट ब्रेथ कमजोर हो गई है और गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वालों से ज्यादा हो गई है।
