Nifty 50 ने अगस्त की ट्रेडिंग सीरीज को **24,288** के स्तर पर मजबूती के साथ खत्म किया है। रोलओवर डेटा से पता चलता है कि निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और अब बाजार की नजर **24,700** के अहम रेजिस्टेंस को पार करने पर है, जो इंडेक्स को **26,000** के लक्ष्य तक ले जा सकता है।
अगस्त ट्रेडिंग साइकिल का समापन एक सकारात्मक नोट पर हुआ है, जिसे हाल के महीनों में इंडेक्स के सबसे मजबूत फिनिश में से एक माना जा रहा है। इस सीरीज के सफल समापन के बाद बाजार का नजरिया काफी साफ हुआ है और निवेशक अपनी पोजीशन्स को सितंबर सीरीज में शिफ्ट कर रहे हैं।
बाजार का रुख और निवेशकों का भरोसा
इस बढ़ते भरोसे का सबसे बड़ा सबूत 77.4% का रोलओवर रेट है। आसान भाषा में कहें तो, ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन्स को बंद करने के बजाय अगले महीने के लिए कैरी फॉरवर्ड करना बेहतर समझा है। साथ ही, इन पोजीशन्स को अगले महीने ले जाने की लागत (Cost of Carry) बढ़कर 75.6 बेसिस पॉइंट्स हो गई है, जो ट्रेडर्स के बुलिश सेंटीमेंट और मजबूती का संकेत है।
24,700 का बड़ा इम्तिहान
टेक्निकल तौर पर Nifty एक 'सिमिट्रिकल ट्रायंगल' पैटर्न में फंस गया है। इंडेक्स 23,500 और 24,700 के दायरे में ट्रेड कर रहा है। जैसे ही बाजार ऊपरी रेंज के पास पहुंचता है, एनालिस्ट 24,700 के लेवल पर खास नजर रख रहे हैं। अगर इंडेक्स इसे मजबूती से पार करता है, तो 26,000 की ओर रास्ता खुल सकता है। इसके अलावा, 24,374 के आसपास का 200-दिन का मूविंग एवरेज भी काफी अहम है, जिसके ऊपर बने रहना बाजार की सेहत के लिए जरूरी है।
सेक्टोरल हलचल और बाहरी खतरे
बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। रियल्टी और कैपिटल गुड्स सेक्टर में इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है, जबकि आईटी सेक्टर में हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली देखी गई है। फिलहाल India VIX का 11.08 के निचले स्तर पर होना यह दर्शाता है कि बाजार शांत है, लेकिन किसी भी खराब खबर पर अचानक बड़ी हलचल (Volatility) आ सकती है। इसके साथ ही, मिडिल ईस्ट के भू-राजनीतिक तनाव और क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे बाहरी जोखिमों पर भी निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
