ग्लोबल मार्केट में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच Nifty 50 पर भारी दबाव देखा जा रहा है। बुधवार को इंडेक्स **23,431.50** के स्तर पर बंद हुआ और अब सबकी नजरें **23,300** के अहम सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं।
भारतीय बाजार इस वक्त चौतरफा दबाव में है। बुधवार को Nifty 50 में 0.86% की गिरावट आई और यह 23,431.50 पर बंद हुआ। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जो भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए इन्फ्लेशन और ट्रेड बैलेंस के लिहाज से चिंता की बात है।
IT सेक्टर में बड़ी गिरावट
बाजार में बिकवाली की एक बड़ी वजह IT शेयरों का सुस्त प्रदर्शन रहा है। Nifty IT इंडेक्स में करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (US Treasury Yields) में बढ़ोतरी है, जिससे टेक कंपनियों के वैल्युएशन पर असर पड़ रहा है और ग्लोबल इन्वेस्टर्स रिस्क लेने से बच रहे हैं।
टेक्निकल लेवल्स पर नजर
एक्सपर्ट्स के अनुसार, 23,300 का लेवल एक मजबूत सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है। अगर इंडेक्स इसे नहीं संभाल पाया, तो गिरावट 23,100 से 23,170 के दायरे तक जा सकती है। ऊपर की ओर, 23,600 से 23,800 का स्तर रेजिस्टेंस (Resistance) के रूप में काम करेगा।
FIIs की बिकवाली से संकट
मार्केट में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की लगातार बिकवाली लिक्विडिटी कम कर रही है, जिससे सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है। अब निवेशकों की नजरें तेल की कीमतों और अमेरिकी ब्याज दरों पर आने वाले अपडेट्स पर टिकी हैं, जो मार्केट की अगली दिशा तय करेंगे।
