लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद Nifty 50 अब अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन **22,100** के स्तर पर खड़ा है। बाजार के ओवरसोल्ड (Oversold) होने के संकेतों के बीच निवेशक यह देख रहे हैं कि क्या यह स्तर बाजार में कोई राहत ला सकता है।
सपोर्ट लेवल की अग्निपरीक्षा
भारतीय बाजार के प्रमुख इंडेक्स Nifty 50 के लिए मौजूदा समय एक निर्णायक मोड़ पर है। पिछले आठ हफ्तों में इंडेक्स में लगभग 14% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। SBI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च) सुदीप शाह के अनुसार, इंडेक्स फिलहाल 'ओवरसोल्ड' क्षेत्र में है, जिसका अर्थ है कि बिकवाली का दबाव कम होने पर एक छोटा 'रिलीफ बाउंस' देखने को मिल सकता है।
Bank Nifty और अन्य शेयरों की चाल
जहां पूरे बाजार में सतर्कता का माहौल है, वहीं Bank Nifty थोड़ा मजबूती दिखा रहा है। यह इंडेक्स 53,700 से 54,000 के रेंज को बचाने की कोशिश कर रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि यह स्तर बरकरार रहता है, तो इंडेक्स 55,000 तक का सफर तय कर सकता है, लेकिन 56,000 के लक्ष्य के लिए 55,200 के ऊपर टिकना अनिवार्य होगा।
स्टॉक्स की बात करें तो Mankind Pharma ₹2,430 से ₹2,559 की रेंज में ट्रेड कर रहा है। इसके विपरीत, Welspun Living में गिरावट का रुझान है और निवेशक इसे ₹210-₹215 के अपने 20-डे मूविंग एवरेज पर ट्रैक कर रहे हैं। Havells India अपने लॉन्ग-टर्म सपोर्ट जोन ₹1,010-₹1,040 के पास है, जहां उसे स्थिर होने के लिए अधिक ट्रेडिंग वॉल्यूम की जरूरत है।
बाजार पर ग्लोबल दबाव
घरेलू बाजार पर क्रूड ऑयल की कीमतों, अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े अनुमानों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का भारी दबाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में कॉर्पोरेट अर्निंग्स और सेंट्रल बैंक की नीतियों से बाजार की अगली दिशा तय होगी। यदि इंडेक्स वर्तमान सपोर्ट लेवल को नहीं बचा पाता है, तो निचले स्तरों की ओर और परीक्षण हो सकता है।
