Nifty 50 इंडेक्स **22,421.95** पर बंद हुआ है, जो पिछले 8 हफ्तों से लगातार गिर रहा है। अब सबकी निगाहें **22,000–22,200** के अहम सपोर्ट जोन पर हैं, क्योंकि RBI की आगामी पॉलिसी बैठक से बाजार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
भारतीय शेयर बाजार फिलहाल एक नाजुक दौर से गुजर रहा है। पिछले 8 हफ्तों से Nifty 50 में लगातार गिरावट देखने को मिली है और इंडेक्स 22,421.95 पर आकर टिका है। चिंता की बात यह है कि इंडेक्स अपने 200-वीक मूविंग एवरेज (जो करीब 22,600 के स्तर पर है) के नीचे फिसल गया है, जिसके चलते अब ट्रेडर्स 22,000 से 22,200 के जोन को एक 'फ्लोर' या सपोर्ट के तौर पर देख रहे हैं।\n\n### RBI पॉलिसी और ग्लोबल टेंशन\nआने वाले दिनों में बाजार की चाल पूरी तरह से 5 से 7 अक्टूबर के बीच होने वाली RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक पर निर्भर करेगी। बाजार में जारी अनिश्चितता की मुख्य वजहें क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें, मजबूत डॉलर और अमेरिका में हाई ट्रेजरी यील्ड्स हैं। इन कारकों के चलते विदेशी निवेशक (FIIs) भारतीय बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं, जो गिरावट का मुख्य ट्रिगर बना हुआ है।\n\n### टेक्निकल नजरिया और स्टॉक्स की स्थिति\nटेक्निकल एनालिस्ट्स का मानना है कि बाजार फिलहाल 'ओवर्सोल्ड' जोन में है, जिससे थोड़ी रिकवरी की गुंजाइश बन सकती है, लेकिन एक बड़ी तेजी तभी संभव है जब FIIs का मूड बदलेगा।\n\nफिलहाल बाजार का फोकस चुनिंदा स्टॉक्स पर है:\n* BSE: यह शेयर ₹2,850 से ₹3,000 के अपने ऐतिहासिक सपोर्ट रेंज के पास है।\n* Laurus Labs: निवेशक इसके प्राइस स्टेबिलिटी और स्टॉप-लॉस लेवल्स पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।\n* Mankind Pharma: यह अपने इमीडिएट रेजिस्टेंस लेवल के पास ट्रेड कर रहा है।\n* Hindalco Industries: यह शेयर एक करेक्शन फेज से गुजर रहा है और अपने सपोर्ट लेवल को टेस्ट कर रहा है।\n* Aequs: निवेशक देख रहे हैं कि क्या यह अपने मौजूदा प्राइस फ्लोर को बचा पाता है।\n\nनिवेशकों के लिए सलाह है कि जब तक मैक्रो लेवल पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बड़े दांव लगाने के बजाय केवल फंडामेंटली मजबूत स्टॉक्स पर ही नजर रखें।
