शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी देखने को मिली। Nifty 50 **375 अंक** और Bank Nifty **495 अंक** चढ़कर बंद हुए। बाजार में वोलैटिलिटी (Volatility) कम होने का असर साफ दिख रहा है, हालांकि अभी भी कुछ तकनीकी चुनौतियां बनी हुई हैं।
शुक्रवार का सत्र भारतीय बाजारों के लिए राहत भरा रहा। Nifty 50 375 अंक उछलकर 22,997 पर बंद हुआ, जबकि Bank Nifty 495 अंक की बढ़त के साथ 55,811 के स्तर पर जा पहुंचा। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण India VIX में 4% की गिरावट रही, जिससे मार्केट में घबराहट कम हुई और निवेशकों का कॉन्फिडेंस बढ़ा।
बाजार का सेंटीमेंट और डेटा
डेरिवेटिव डेटा पर नजर डालें तो 22,700 से 22,900 के दायरे में निवेशकों ने पुट ऑप्शंस (Put Options) की जमकर बिकवाली की है, जो यह संकेत देता है कि यह रेंज मार्केट के लिए एक बेस (Floor) की तरह काम कर रही है। हालांकि, चिंता की बात यह है कि Nifty 50 अभी भी अपने 200-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के नीचे ट्रेड कर रहा है, जो स्ट्रक्चरल दबाव को दर्शाता है।
बैंकिंग सेक्टर में क्या हो रहा है?
बैंक निफ्टी की तेजी में प्राइवेट सेक्टर बैंकों की भूमिका सबसे अहम रही, जबकि पब्लिक सेक्टर बैंकों का प्रदर्शन सुस्त रहा। बैंक निफ्टी को 56,000-56,100 के जोन में तगड़ा रेजिस्टेंस मिल रहा है। इसे पार करने के लिए इंडेक्स को लगातार इस स्तर के ऊपर टिकना होगा।
आगे क्या करें निवेशक?
मार्केट अभी अहम तकनीकी रेजिस्टेंस के करीब है। Nifty 50 के लिए 23,100 का स्तर एक बड़ी चुनौती है, जबकि गिरावट आने पर 22,850 सपोर्ट का काम करेगा। बैंक निफ्टी के मामले में 55,500 के सपोर्ट पर नजर रखें। यदि इंडेक्स इसके नीचे फिसलते हैं, तो मार्केट में दोबारा अस्थिरता बढ़ सकती है।
