गणेश चतुर्थी के मौके पर भारतीय शेयर बाजार बंद हैं, जिसका फायदा उठाकर एनालिस्ट्स Nifty 50 शेयरों का गहराई से मूल्यांकन कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में डेटा-आधारित अप्रोच का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि उतार-चढ़ाव भरे बाजार में मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों को चुना जा सके।
गणेश चतुर्थी के चलते सोमवार, 14 सितंबर 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) बंद हैं। पिछले शुक्रवार को Nifty 50 इंडेक्स 23,398.10 के स्तर पर 0.34% की गिरावट के साथ बंद हुआ था। बाजार में इस छुट्टी के माहौल के बीच एनालिस्ट्स अब उन क्वांटिटेटिव तरीकों पर ध्यान दे रहे हैं जिनसे इंडेक्स की कंपनियों की सेहत जांची जा सके।
डेटा-आधारित स्कोरिंग सिस्टम
विशेषज्ञ अब Institutional Brokers' Estimate System (IBES) और Stock Reports Plus जैसे टूल्स का उपयोग कर रहे हैं। इसके तहत 1 से 10 का एक स्कोरिंग सिस्टम इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें 8 से 10 के बीच का स्कोर किसी कंपनी के लिए बेहतर माना जाता है। इसमें कंपनी की कमाई की निरंतरता, बिजनेस का फंडामेंटल, वैल्यूएशन और हालिया प्राइस मूवमेंट को आधार बनाया जाता है।
ग्लोबल मार्केट का दबाव
बाजार फिलहाल अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। क्रूड ऑयल की कीमतें $97 प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई और कंपनियों के मार्जिन पर दबाव है। इसके अलावा, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और FPIs द्वारा पैसे निकालने का डर भी निवेशकों को सतर्क बनाए हुए है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव भी सप्लाय चेन को प्रभावित कर रहा है, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर हुआ है।
एनालिस्ट्स अपनी रिसर्च में बीटा और कोरिलेशन कोफिशिएंट जैसे रिस्क मैनेजमेंट टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि बाजार की अस्थिरता को समझा जा सके। डेटा-आधारित ये अंतर्दृष्टि (insights) निवेशकों के लिए केवल एक शुरुआती बिंदु हैं। मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को जब बाजार फिर से खुलेंगे, तब देखना होगा कि ये फंडामेंटल फैक्टर्स ग्लोबल खबरों और सेंट्रल बैंक की नीतियों के सामने खुद को कितना बचा पाते हैं।
