22 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन फिसला। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण निवेशकों में घबराहट देखी गई। इस गिरावट के बीच, Nestle India, GlaxoSmithKline Pharmaceuticals जैसे स्टॉक्स में तकनीकी तेजी देखी जा रही है, जबकि Delhivery और AU Small Finance Bank में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
Detailed Coverage
बाजार पर दबाव, क्यों?
22 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दौर जारी रहा, जिससे निवेशक सहमे हुए दिखे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, दिन भर में 2,120 शेयरों में गिरावट आई, जबकि केवल 875 शेयर ही बढ़त दर्ज कर पाए। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार में कमजोरी की मुख्य वजह बनी हुई हैं।
कंज्यूमर और फार्मा स्टॉक्स में क्या है खास?
बाजार में सुस्ती के बावजूद, कुछ शेयरों ने तकनीकी विश्लेषकों का ध्यान खींचा है। Nestle India ने अपने दैनिक चार्ट पर पिछले स्विंग हाई को पार कर लिया है, और इस दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) जैसे तकनीकी इंडिकेटर में भी तेजी का संकेत मिला है, और स्टॉक अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रहा है।
इसी तरह, GlaxoSmithKline Pharmaceuticals ने भी अपने दैनिक चार्ट पर गिरती ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिखाया है। विश्लेषकों का मानना है कि स्टॉक का अपने 50-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से ऊपर बने रहना, मौजूदा प्राइस एक्शन में मजबूती का संकेत है।
Apollo Micro Systems और अन्य
Apollo Micro Systems ने भी कंसॉलिडेशन के दौर से ब्रेकआउट दिखाया है और यह अपने 50-दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में, RR Kabel और Yasho Industries में भी ट्रेंड की संभावित वापसी के संकेत मिल रहे हैं। RR Kabel ने पिछले ट्रेंडलाइन को पार किया है, जबकि Yasho Industries अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है और लगातार नए हाई बना रहा है।
बिकवाली का दबाव किन पर?
इसके विपरीत, कुछ स्टॉक्स में भारी बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। Delhivery जुलाई की शुरुआत में असफल ब्रेकआउट के बाद लगातार बिकवाली झेल रहा है। स्टॉक अपने 20-दिन और 50-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है, और RSI में तेज गिरावट आई है, जो तेजी की दिलचस्पी में कमी का संकेत है।
AU Small Finance Bank भी कमजोर तकनीकी संरचना का सामना कर रहा है। ₹1,080-1,090 के रेजिस्टेंस लेवल को पार करने में विफल रहने के बाद, स्टॉक अपने 20, 50 और 100-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे गिर गया है। बैंक के मोमेंटम इंडिकेटर नकारात्मक क्षेत्र में बने हुए हैं, जो यह दर्शाता है कि जब तक स्टॉक ऊंची कीमतों को हासिल नहीं कर लेता, तब तक बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि तकनीकी विश्लेषण मुख्य रूप से अल्पकालिक मूल्य और वॉल्यूम पैटर्न पर केंद्रित होता है। इन कंपनियों का भविष्य का प्रदर्शन व्यापक मैक्रोइकॉनॉमिक परिस्थितियों, जैसे कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और घरेलू ब्याज दरों के रुझान के साथ-साथ कंपनी-विशिष्ट परिचालन अपडेट पर निर्भर करेगा।
