क्यों गिरी NSDL की वैल्यूएशन?
ICICI Securities का मानना है कि NSDL की वैल्यूएशन (Valuation) अब थोड़ी महंगी लग रही है, खासकर उसके कॉम्पिटिटर (Competitor) CDSL के मुकाबले। ब्रोकरेज ने NSDL के वैल्यूएशन मल्टीपल (Valuation Multiple) को FY28E के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के 40x से घटाकर 35x कर दिया है।
कंपनी ने Q4 FY26 में ईयर-ऑन-ईयर (YoY) 26% का शानदार रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) ₹458 करोड़ दर्ज किया है। हालांकि, इस दौरान ऑपरेटिंग खर्चों में 30% की जोरदार बढ़ोतरी हुई, जिसने प्रॉफिट पर दबाव डाला। इसी का नतीजा है कि NSDL का EBITDA मार्जिन घटकर 28.9% रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 33.4% था।
पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) की बात करें तो NSDL का नेट प्रॉफिट 10.8% बढ़कर ₹380 करोड़ हुआ, जबकि रेवेन्यू ₹1,660.2 करोड़ रहा। लेकिन Q4 के बढ़ते खर्चे एक चिंता का विषय हैं।
NSDL vs CDSL: कौन है बेहतर?
भारतीय मार्केट में NSDL और CDSL दोनों बड़ी डिपॉजिटरी फर्म्स हैं। लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) के मामले में CDSL काफी आगे है। FY25 में CDSL का EBITDA मार्जिन 68.50% था, जबकि NSDL का मार्जिन सिर्फ 34.54% रहा। इसी तरह, CDSL का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 29.18% था, जबकि NSDL का ROE 17.11% पर था।
हालांकि NSDL के पास कस्टडी वैल्यू (Custody Value) का बड़ा हिस्सा (86.1% FY26 में) है और सर्विस सेंटर्स भी ज्यादा हैं, पर रिटेल इन्वेस्टर्स के मामले में CDSL के पास ज्यादा डीमैट अकाउंट हैं। ये अंतर निवेशकों की सोच को प्रभावित कर रहा है।
मार्केट का सेंटीमेंट और जोखिम
फिलहाल, भारतीय शेयर बाजार पर फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) द्वारा $20 बिलियन से ज्यादा की निकासी और जियो-पॉलिटिकल टेंशन (Geo-political Tensions) का असर दिख रहा है। इन सब के बीच, NSDL के लिए मार्जिन प्रेशर (Margin Pressure) एक बड़ा कंसर्न बना हुआ है। Q4 में खर्चों का 30% बढ़ना चिंताजनक है, खासकर तब जब डिपॉजिटरी सेवाओं से रेवेन्यू सिर्फ 2.4% बढ़ा।
हाल ही में तीन दिन का टेक्निकल डिस्रप्शन (Technical Disruption) और SEZ-Online फाइलिंग्स का ICEGATE सिस्टम में माइग्रेशन भी फ्यूचर रेवेन्यू पर असर डाल सकता है। Karvy प्लेज लिटिगेशन (Karvy Pledge Litigation) से जुड़े लीगल रिस्क भी हल्के-फुल्के बने हुए हैं।
एनालिस्ट्स की राय
टारगेट प्राइस कटने के बावजूद, कई एनालिस्ट्स NSDL पर 'होल्ड' की सलाह दे रहे हैं। Motilal Oswal ने 'न्यूट्रल' रेटिंग के साथ ₹1,000 का टारगेट दिया है, जबकि Axis Capital ने 'ऐड' रेटिंग और ₹1,000 का टारगेट रखा है। इससे लगता है कि इन चुनौतियों के बावजूद, एनालिस्ट्स NSDL की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ संभावनाओं को देख रहे हैं। कंपनी ने अपने इंश्योरेंस रिपॉजिटरी बिजनेस को अलग सब्सिडियरी (Subsidiary) बनाने की योजना को भी मंजूरी दी है।
