नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) ने हालिया तिमाही में 66% सालाना रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो कि 5.2 अरब रुपये तक पहुंच गया। इस ग्रोथ का मुख्य कारण बैंकिंग सेवाओं का मजबूत प्रदर्शन रहा। हालांकि, ऑपरेटिंग खर्चों में हुई बढ़ोतरी के कारण EBITDA मार्जिन घटकर 19.5% रह गया।
नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) ने हाल ही में मजबूत टॉप-लाइन ग्रोथ की रिपोर्ट दी है। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू पिछली तिमाही में बढ़कर 5.2 अरब रुपये पर पहुंच गया। यह 66% की सालाना वृद्धि मुख्य रूप से कंपनी के बैंकिंग सेवाओं सेगमेंट से प्रेरित थी, जिसने कुल रेवेन्यू में 61% का योगदान दिया और पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 136% की ग्रोथ देखी। डिपॉजिटरी बिजनेस, जो रेवेन्यू का लगभग 35% हिस्सा है, ने भी सालाना 13% की स्थिर वृद्धि दर्ज की।
ऑपरेटिंग लागतों का मुनाफे पर असर
रेवेन्यू में हुई इस महत्वपूर्ण वृद्धि के बावजूद, NSDL को ऑपरेटिंग खर्चों में भारी उछाल के कारण अपने बॉटम लाइन पर दबाव का सामना करना पड़ा। कर्मचारी खर्चों और अन्य परिचालन लागतों में वृद्धि के कारण खर्च 92% बढ़कर 4.2 अरब रुपये हो गया। इन खर्चों का एक हिस्सा बैंकिंग सेवाओं सेगमेंट में एक बार के कार्ड ऑनबोर्डिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिसमें इम्प्लीमेंटेशन पार्टनर्स के साथ साझा की गई फीस भी शामिल थी। नतीजतन, कंपनी का EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) सालाना केवल 6% बढ़कर 1 अरब रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 30.5% से घटकर 19.5% रह गया। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) लगभग 983 मिलियन रुपये रहा, जो कि सालाना 10% की वृद्धि दर्शाता है।
भविष्य की संभावनाएं और प्रदर्शन के मुख्य मापदंड
इन नतीजों के बाद, मोतीलाल ओसवाल के हालिया विश्लेषण से पता चलता है कि NSDL पेमेंट्स बैंक से होने वाले रेवेन्यू में सामान्यता आ सकती है, क्योंकि एक बार के प्रोजेक्ट का प्रभाव कम हो जाएगा। ब्रोकरेज ने बढ़े हुए खर्चों की संरचना को ध्यान में रखते हुए FY27 और FY28 के लिए अपनी कमाई के अनुमानों को 1% से 2% तक थोड़ा कम कर दिया है। आगे देखते हुए, FY26-FY28 की अवधि में रेवेन्यू में 30% और EBITDA और PAT दोनों में 11% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) की उम्मीदें बनी हुई हैं। कंपनी का वैल्यूएशन वर्तमान में अनुमानित FY28 की कमाई के मुकाबले किया जा रहा है, जिसमें बाजार 40 गुना के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल पर केंद्रित है।
निवेशक इस बात पर नजर रख रहे हैं कि कंपनी अपने बैंकिंग सेगमेंट के विस्तार के शुरुआती चरण से आगे बढ़ते हुए अपनी लागत संरचना का प्रबंधन कैसे करती है। आने वाली तिमाहियों के लिए मुख्य फोकस यह होगा कि क्या NSDL ट्रांजेक्शन वॉल्यूम में वृद्धि और खर्चों के स्थिर होने के साथ अपने प्रॉफिट मार्जिन में सुधार कर सकता है। इसके अतिरिक्त, विकसित हो रहे बैंकिंग व्यवसाय के साथ डिपॉजिटरी सेगमेंट की स्थिर वृद्धि को बनाए रखने की क्षमता शेयरधारकों के लिए देखने का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनी रहेगी।
