रबर केमिकल बनाने वाली कंपनी NOCIL का रेवेन्यू सालाना आधार पर **33%** बढ़कर **₹4.3 अरब** पहुंच गया है। हालांकि, सेल्स वॉल्यूम में गिरावट और बढ़ती लागत को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने शेयर पर 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है।
NOCIL ने अपनी तिमाही रिपोर्ट में ₹4.3 अरब का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहा है। हालांकि, 33% की सालाना ग्रोथ के पीछे छिपी असल कहानी थोड़ी चुनौतीपूर्ण है। कंपनी के ऑपरेशनल डेटा के अनुसार, सेल्स वॉल्यूम में पिछले साल के मुकाबले 3% और पिछली तिमाही के मुकाबले 7% की गिरावट आई है।\n\n### रेवेन्यू बनाम वॉल्यूम का खेल\n\nमैनेजमेंट ने सेल्स वॉल्यूम में इस कमी के लिए ग्लोबल अनिश्चितता और सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों को जिम्मेदार ठहराया है। कंपनी की टॉपलाइन में इजाफा तो दिख रहा है, लेकिन असल कामकाज के लेवल पर अभी भी दबाव है। इन आंकड़ों के चलते ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने स्टॉक को 'Hold' रेटिंग दी है और ₹140 का टारगेट प्राइस सेट किया है।\n\n### क्या है एक्सपेंशन का प्लान?\n\nबावजूद इसके, कंपनी का फोकस लॉन्ग-टर्म कैपेसिटी बिल्डिंग पर बना हुआ है। दहेज (Dahej) एक्सपेंशन प्रोजेक्ट सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि TDQ प्रोजेक्ट के लिए क्लाइंट अप्रूवल का इंतजार है। उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 की तीसरी तिमाही में इसका कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो सकता है।\n\nहालांकि, चुनौतियों की लिस्ट लंबी है। इम्पोर्टेड माल से मिल रही कड़ी टक्कर और कोयला, गैस व फ्रेट की बढ़ती लागत कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल रही है। सल्फोनमाइड्स (sulfonamides) पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन इसका असर मुनाफे पर सीमित है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी अपने ₹14 अरब से ₹16 अरब के सालाना रेवेन्यू गाइडेंस को पूरा कर पाएगी या नहीं।
