NLC India के शेयर में पिछले तीन महीनों में **20%** की बड़ी गिरावट के बाद अब एनालिस्ट्स का भरोसा लौट रहा है। कंपनी ने H1 FY27 में रिकॉर्ड रेवेन्यू हासिल किया है और अब **₹1.25 लाख करोड़** के मेगा एक्सपेंशन प्लान के जरिए अपनी क्षमता को **20 GW** तक ले जाने की राह पर है।
पिछले तीन महीनों में 20% की भारी करेक्शन के बाद अब NLC India के शेयरों में फिर से हलचल बढ़ गई है। एनालिस्ट्स ने कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 के पहले छमाही (H1) के प्रदर्शन और पावर कैपेसिटी बढ़ाने के विजन को देखते हुए पॉजिटिव नजरिया बनाए रखा है।
मजबूत वित्तीय आंकड़े
वित्तीय वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹9,449.10 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 18% ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी 13% का उछाल दर्ज किया गया और यह ₹1,764.34 करोड़ रहा। हालांकि, जानकारों का कहना है कि इस मुनाफे में ₹987.74 करोड़ का डेफर्ड टैक्स क्रेडिट (deferred tax credit) भी शामिल है, जिसने नतीजों को सपोर्ट किया है।
भविष्य की योजनाएं (Growth Roadmap)
कंपनी ने 2030 तक ₹1.25 लाख करोड़ के भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट का खाका तैयार किया है। कंपनी का लक्ष्य अपनी पावर कैपेसिटी को 20 GW तक दोगुना करना है, जिसमें 10 GW थर्मल पावर और 10 GW रिन्यूएबल एनर्जी शामिल होगी। इस बड़े विस्तार के लिए बोर्ड ने बॉन्ड के जरिए ₹2,500 करोड़ जुटाने की मंजूरी दे दी है।
जोखिम और चुनौतियां
निवेशकों को कंपनी के बढ़ते कर्ज (Debt) पर नजर रखनी होगी। इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट कर्ज के दम पर होने से ब्याज का बोझ बढ़ सकता है। इसके अलावा, लैंड एक्विजिशन (land acquisition) में देरी, प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन की चुनौतियां और थर्मल पावर सेक्टर में रेगुलेटरी बदलाव भी मुनाफे पर असर डाल सकते हैं।
कंपनी ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 15% का अंतरिम डिविडेंड (interim dividend) घोषित किया है, जो बताता है कि बड़े खर्चों के बीच भी कंपनी शेयरधारकों को रिटर्न देने के लिए प्रतिबद्ध है। अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने इन प्रोजेक्ट्स को तय समय और बजट में पूरा कर पाती है या नहीं।
