NCC Share Price: नतीजों में उतार-चढ़ाव, पर ब्रोकरेज का भरोसा कायम! 'Buy' रेटिंग के साथ ₹195 का टारगेट

BROKERAGE-REPORTS
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
NCC Share Price: नतीजों में उतार-चढ़ाव, पर ब्रोकरेज का भरोसा कायम! 'Buy' रेटिंग के साथ ₹195 का टारगेट
Overview

NCC Limited ने Q4 FY26 के नतीजे घोषित किए हैं, जिसमें साल-दर-साल (year-on-year) आधार पर नेट प्रॉफिट में **18.8%** की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, पिछली तिमाही के मुकाबले मुनाफे में **68.2%** की जोरदार तेजी आई है। इस बीच, ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक (order book) को देखते हुए स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग और **₹195** का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Q4 के मिले-जुले नतीजे: प्रॉफिट में गिरावट, पर पिछली तिमाही से उछाल

NCC Limited ने Q4 FY26 के लिए ₹206.02 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹253.82 करोड़ से 18.8% कम है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू (revenue) साल-दर-साल 1.04% बढ़कर ₹6,253.96 करोड़ हो गया। सबसे खास बात यह है कि पिछली तिमाही (Q3 FY26) के मुकाबले नेट प्रॉफिट में 68.2% का भारी उछाल देखा गया, जो ₹122.46 करोड़ से बढ़कर ₹206.02 करोड़ पर पहुंच गया। इस तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन 8.4% रहा। इन नतीजों के बीच स्टॉक का भाव ₹152 से ₹160 के दायरे में रहा, जो इसके 52-हफ्ते के हाई ₹242.15 से काफी नीचे है।

मजबूत ऑर्डर बुक: ₹830 अरब का बैक लॉग!

NCC की भविष्य की ग्रोथ के लिए सबसे बड़ा सहारा उसकी विशाल ऑर्डर बुक है, जो FY26 के अंत तक लगभग ₹830 अरब तक पहुंच गई है। यह ऑर्डर बुक कंपनी के पिछले बारह महीनों के रेवेन्यू का लगभग 4.8 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹319 अरब के नए कंसोलिडेटेड ऑर्डर हासिल किए, जिसमें ₹115 अरब का एक बड़ा माइनिंग ऑर्डर भी शामिल था। हालांकि, FY26 में कुल ऑर्डर इनफ्लो FY25 की तुलना में 3% कम रहा, लेकिन ऑर्डर बुक की कुल वैल्यू में 16% की शानदार वृद्धि हुई और यह ₹71,568 करोड़ से बढ़कर ₹83,004 करोड़ हो गई। मैनेजमेंट का कहना है कि बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

एनालिस्ट की राय: 'Buy' रेटिंग, ₹195 का टारगेट

ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने NCC पर अपना 'Buy' रिकमेंडेशन बरकरार रखा है और शेयर के लिए ₹195 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह टारगेट FY28 के अनुमानित प्रति शेयर आय (EPS) के 15 गुना और FY28 की अनुमानित बुक वैल्यू के लगभग 1.2 गुना पर आधारित है। फिलहाल, NCC का P/E रेश्यो 13.5-14.04 के आसपास है और मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹9,500-10,000 करोड़ है। बाजार के औसत लक्ष्य ₹199.75 से ₹205.53 तक के हैं, जो 20-39% तक के संभावित गेन का संकेत देते हैं।

आगे की राह: सावधानी और मार्जिन पर दबाव

हालांकि, कुछ चिंताएं भी हैं। मैनेजमेंट ने ग्लोबल अनिश्चितताओं और सरकारी खर्च में संभावित कटौती को देखते हुए FY27 के लिए कोई विशेष गाइडेंस नहीं दिया है। Prabhudas Lilladher ने मार्जिन पर मौजूदा दबावों को भी नोट किया है, जिसके कारण उन्होंने FY27 के लिए EPS अनुमानों में 8% की कटौती की है। पिछले एक साल में NCC के शेयर में 29% से अधिक की गिरावट आई है, जो दर्शाता है कि बाजार शायद इन चुनौतियों को पहले ही भुना रहा है।

इंफ्रा सेक्टर के लिए सकारात्मक माहौल

NCC इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करती है, जिसे सरकार से बड़े सपोर्ट की उम्मीद है। भारत की इकोनॉमी में 6.5% की ग्रोथ का अनुमान है और इंफ्रा सेक्टर के 2027 तक 8-8.2% की सालाना दर से बढ़ने की उम्मीद है। नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन और PM गति शक्ति जैसी पहलों से इसे और बल मिलेगा। ऐसे में, NCC को अपनी बड़ी ऑर्डर बुक को प्रॉफिटेबल ग्रोथ में बदलने की क्षमता दिखानी होगी।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.