Muthoot Finance पर ब्रोकरेज बुलिश: ICICI Securities ने दी 'Buy' रेटिंग, ₹3,070 का टारगेट

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AuthorMehul Desai|Published at:
Muthoot Finance पर ब्रोकरेज बुलिश: ICICI Securities ने दी 'Buy' रेटिंग, ₹3,070 का टारगेट

ICICI Securities ने Muthoot Finance के शेयर को 'Buy' रेटिंग दी है और इसके लिए **₹3,070** का प्राइस टारगेट तय किया है। ब्रोकरेज ने कंपनी के मजबूत ऑपरेशन्स और AUM ग्रोथ को देखते हुए यह फैसला लिया है।

ICICI Securities ने अपनी ताजा रिपोर्ट में Muthoot Finance के शेयर पर भरोसा जताते हुए इसे 'Buy' रेटिंग दी है। हालांकि ब्रोकरेज ने अपने पहले के ₹3,500 के टारगेट को घटाकर अब ₹3,070 कर दिया है, ताकि इसे मौजूदा मार्केट कंडीशन्स के हिसाब से सही ठहराया जा सके। यह बदलाव गोल्ड लोन इंडस्ट्री में बदलती डायनेमिक्स के बावजूद कंपनी की स्थिरता को दर्शाता है।

शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

कंपनी के हालिया नतीजों में जबरदस्त तेजी दिखी है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹3,250 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹2,420 करोड़ था। इस तिमाही में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹9,998 करोड़ रहा। कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) साल-दर-साल 42% उछलकर ₹2.09 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।

मैनेजमेंट ने भी काफी पॉजिटिव गाइडेंस दी है और पूरे साल के लिए AUM में 25% ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी 10.5% से 11% के बीच स्थिर रहने की उम्मीद है।

रिस्क और मार्केट कॉन्टेक्स्ट

भले ही ब्रोकरेज शेयर की ग्रोथ को लेकर उत्साहित है, लेकिन गोल्ड लोन सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा (Competition) एक बड़ा चैलेंज है, जो मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। कंपनी को एसेट क्वालिटी को लेकर भी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि हालिया डेटा में लोन डेलिंक्वेंसेस (Delinquencies) में बढ़ोतरी और स्टेज-II व स्टेज-III एसेट्स में रिस्क बढ़ता हुआ दिखा है। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी गोल्ड लेंडर्स के लिए एक जटिल स्थिति पैदा करता है। हाल ही में शेयर ₹2,305 के 52-वीक लो के पास पहुंच गया था।

निवेशकों के लिए क्या है अहम?

निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे प्रोटेक्ट करती है और लोन बुक को कितना स्केलेबल बना पाती है। एसेट क्वालिटी के आंकड़ों में सुधार और कॉम्पिटिशन को संभालने की क्षमता ही आने वाले समय में 25% ग्रोथ के लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.