ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Vishal Mega Mart पर अपना भरोसा जताया है और शेयर के लिए **₹135** का टारगेट प्राइस सेट किया है। कंपनी की आक्रामक विस्तार योजनाएं और कॉस्ट-फोकस्ड बिजनेस मॉडल तो पॉजिटिव हैं, लेकिन प्राइवेट इक्विटी निवेशकों द्वारा हिस्सेदारी बेचने का जोखिम निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
ग्रोथ की रणनीति और भविष्य की राह
Motilal Oswal की हालिया रिपोर्ट में Vishal Mega Mart की ग्रोथ-केंद्रित रणनीति की सराहना की गई है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का 'ओपनिंग प्राइस पॉइंट' मॉडल, जिसके तहत किफायती दाम पर सामान बेचा जाता है, इसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बढ़त दिलाता है। कंपनी ने आने वाले 10 सालों में 1,200 नए बड़े स्टोर खोलने की योजना बनाई है। हर स्टोर का औसत आकार लगभग 17,000 वर्ग फुट होने की उम्मीद है, जिससे कंपनी भारतीय रिटेल बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत कर सकेगी।
निवेशकों के लिए चेतावनी (PE Exit Risk)
रिपोर्ट में एक खास रिस्क की ओर इशारा किया गया है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फिलहाल, प्राइवेट इक्विटी निवेशकों के पास कंपनी की 40% हिस्सेदारी है। अगर ये निवेशक अपनी बड़ी हिस्सेदारी बेचते हैं, तो बाजार में सप्लाई बढ़ सकती है, जिसका असर शॉर्ट-टर्म में शेयर की कीमत पर दबाव के रूप में दिख सकता है।
मैनेजमेंट और लीडरशिप पर भरोसा
ब्रोकरेज ने CEO के कार्यकाल के विस्तार को मैनेजमेंट में निरंतरता के तौर पर देखा है। उन्हें अब 'फाउंडर' के तौर पर रीडेजिग्नेट किया गया है, जो इस बात का संकेत है कि कंपनी अपनी लॉन्ग-टर्म योजनाओं पर मजबूती से काम करना जारी रखेगी। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी कितनी तेजी से अपने स्टोर का विस्तार करती है और प्राइवेट इक्विटी निवेशकों के एग्जिट का क्या टाइमलाइन होता है।
