Jio Platforms की शेयर बाजार में एंट्री से ठीक पहले ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने कवरेज शुरू की है। कंपनी को 'Buy' रेटिंग देते हुए **₹1,350** का टारगेट प्राइस तय किया गया है, जो आईपीओ प्राइस से **21%** ऊपर है।
ग्रोथ का इंजन: ब्रॉडबैंड और वायरलेस
Motilal Oswal का मानना है कि कंपनी का वायरलेस सेक्टर में दबदबा कायम रहेगा। वर्तमान में कंपनी का इंडस्ट्री रेवेन्यू में 42% से ज्यादा का हिस्सा है, जिसके दशक के अंत तक बढ़कर 43.3% होने का अनुमान है। ग्रोथ के लिए मार्च 2027 में संभावित 15% टैरिफ हाइक को एक बड़ा ट्रिगर माना जा रहा है। साथ ही, होम ब्रॉडबैंड सेगमेंट में अगले 3 सालों में कंपनी 5 करोड़ यूजर्स का बेस बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
फाइनेंशियल हेल्थ और वैल्यूएशन
रिपोर्ट के अनुसार, 2029 फाइनेंशियल ईयर तक कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 14% और नेट प्रॉफिट में सालाना 20% की दर से वृद्धि हो सकती है। कंपनी हालिया आईपीओ से जुटाए गए ₹30,188 करोड़ के फंड के जरिए 2029 तक नेट कैश पोजीशन में आने की राह पर है। ब्रोकरेज ने कंपनी का वैल्यूएशन उसके 2029 के अनुमानित ऑपरेटिंग प्रॉफिट के 11.5 गुना पर किया है, जो Bharti Airtel जैसे दिग्गजों के मुकाबले प्रीमियम है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Key Risks)
ब्रोकरेज ने कुछ रिस्क फैक्टर भी गिनाए हैं, जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए:
- रेगुलेटरी अनिश्चितता: अगर टैरिफ हाइक में देरी होती है, तो रेवेन्यू ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।
- एग्जीक्यूशन रिस्क: एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज को अपनाने की रफ्तार उम्मीद से धीमी है।
- कैपिटल एक्सपेंडिचर: अगर कंपनी का खर्च अप्रत्याशित रूप से बढ़ता है, तो कैश फ्लो पर दबाव पड़ सकता है।
- प्रतिस्पर्धा: भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की आक्रामक प्रतिस्पर्धा स्टॉक की शॉर्ट-टर्म चाल पर असर डाल सकती है।
