Motilal Oswal ने Ventive Hospitality पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹700 का टारगेट दिया है। हालांकि, Q2 में कंपनी का प्रॉफिट **47%** गिर गया है और कर्ज का बोझ भी बढ़ रहा है।
मुनाफे में गिरावट, ऑपरेशनल ग्रोथ जारी
मोतीलाल ओसवाल की तरफ से Ventive Hospitality पर भरोसा जताते हुए ₹700 प्रति शेयर का टारगेट सेट किया गया है। कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹5.51 बिलियन रही, जो पिछले साल के मुकाबले 13% अधिक है। साथ ही, ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) भी 11% बढ़कर ₹2.11 बिलियन पर पहुंच गया। हालांकि, इन सबके बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 47% लुढ़क गया, जिसका मुख्य कारण डिप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन खर्चों में बढ़ोतरी है।
ब्रोकरेज की उम्मीदें और ग्रोथ के इंजन
ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि भारतीय हॉस्पिटैलिटी मार्केट की चमक बरकरार रहेगी। इसमें MICE सेक्टर की एक्टिविटी और पुणे जैसे शहरों में GCCs का विस्तार अहम भूमिका निभा रहे हैं। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि मालदीव के बिजनेस में दूसरी छमाही में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
निवेशकों के लिए सावधानी के संकेत
कंपनी के फंडामेंटल्स पर नजर डालें तो 30 सितंबर, 2026 तक कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट डेट ₹18.59 बिलियन दर्ज किया गया। 1.6x का नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो और 2.47x का इंटरेस्ट कवरेज रेशियो बताता है कि कर्ज चुकाने की क्षमता पर निवेशकों को पैनी नजर रखनी होगी। साथ ही, रेवेन्यू से तेज गति से बढ़ रहे 'ट्रेड रिसीवेबल्स' वर्किंग कैपिटल पर दबाव का संकेत दे रहे हैं।
रेगुलेटरी और लीगल चुनौतियां
कॉर्पोरेट मोर्चे पर 2 नवंबर, 2026 को कंपनी को BSE और NSE से 11 प्रमोटर ग्रुप एंटिटीज को पब्लिक कैटेगरी में रीक्लासिफाई करने की मंजूरी मिल गई है। वहीं, कानूनी मोर्चे पर कंपनी 23 सितंबर, 2026 के NCLT आदेश के खिलाफ अपील कर रही है, जो सब्सिडियरी अमलगमेशन स्कीम से जुड़ा है। अब देखना यह होगा कि कंपनी अपने गिरते मार्जिन और कर्ज के बोझ को कैसे मैनेज करती है।
