Motilal Oswal ने Vedanta Aluminium पर अपनी 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY28 तक यह शेयर **₹540** का स्तर छू सकता है।
Motilal Oswal Financial Services ने Vedanta Aluminium को लेकर अपना भरोसा जताया है और FY28 के लिए ₹540 का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की 'बैकवर्ड इंटीग्रेशन' रणनीति, यानी अपने कच्चे माल और पावर का खुद उत्पादन करना, प्रॉफिट मार्जिन को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
कमाई का नया इंजन
कंपनी अब हाई-वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स पर जोर दे रही है। बाजार में इन स्पेशलाइज्ड प्रोडक्ट्स की कीमतें सामान्य मेटल कमोडिटी से ज्यादा होती हैं, जिससे मुनाफे में सुधार की उम्मीद है। भारत में एल्युमीनियम की बढ़ती मांग के चलते कंपनी के पास भविष्य में बेहतर कैश फ्लो बनाने का मौका है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, FY26 से FY28 के बीच कंपनी के रेवेन्यू में 11%, EBITDA में 18% और नेट प्रॉफिट में 23% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखने को मिल सकती है। फिलहाल, यह स्टॉक अपने अनुमानित FY28 EV/EBITDA के 5.3x से 5.4x पर ट्रेड कर रहा है।
इन जोखिमों पर रखें नजर
एल्युमीनियम एक ग्लोबल कमोडिटी है, इसलिए ग्लोबल मार्केट में होने वाली हलचल और कीमतों में बदलाव का सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ेगा। इसके अलावा:
- Execution Risk: विस्तार परियोजनाओं में देरी या लागत का बढ़ना एक बड़ी चुनौती है।
- Input Cost: कोयला, बॉक्साइट और बिजली की बढ़ती कीमतों का सीधा दबाव मार्जिन पर दिख सकता है।
- Regulatory Changes: अंतरराष्ट्रीय ट्रेड पॉलिसी में बदलाव भी भविष्य में कंपनी के एक्सपोर्ट बिजनेस के लिए रिस्क पैदा कर सकते हैं।
निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी के कर्ज के स्तर और कैपेसिटी एक्सपेंशन की प्रोग्रेस पर लगातार नजर रखें।
