Motilal Oswal ने Ellenbarrie Industrial Gases पर बुलिश रुख अपनाते हुए **₹420** का टारगेट प्राइस सेट किया है। कंपनी को फार्मा और सोलर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बढ़ती मांग का बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
ग्रोथ के मुख्य कारण (Growth Drivers)
ब्रोकरेज का मानना है कि भारत के एक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरने से इस कंपनी को काफी फायदा होगा। खासकर फार्मा और सोलर प्रॉडक्ट्स बनाने वाली कंपनियों में इंडस्ट्रियल गैस की मांग तेजी से बढ़ रही है। ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन से हटकर भारत पर फोकस करने की रणनीति से घरेलू मांग को और मजबूती मिलेगी।
कंपनी का बिजनेस मॉडल लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स पर आधारित है, जो इसे एक स्थिर रेवेन्यू देता है। कंपनी के कुल रेवेन्यू का 68% बल्क सप्लाई से, 15% पैकेज्ड सप्लाई से और 16% ऑनसाइट सप्लाई से आता है। अब कंपनी अपना दायरा बढ़ाते हुए सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी कदम रख रही है।
फाइनेंशियल आउटलुक और जोखिम (Risks)
एनालिस्ट्स का अनुमान है कि कंपनी 2029 तक सालाना 40% की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज कर सकती है। हालांकि, निवेशकों को इस सेक्टर के कुछ जोखिमों को भी समझना चाहिए। गैस प्रोडक्शन काफी ऊर्जा-खपत वाला काम है, इसलिए बिजली या कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से मार्जिन पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा, कैपेसिटी बढ़ाने के लिए कंपनी भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) कर रही है, जिसके लिए कर्ज भी लिया जा रहा है। निवेशकों को कंपनी की कर्ज प्रबंधन क्षमता (Debt management) पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि अगर नए प्लांट्स शुरू होने में देरी हुई, तो मुनाफे की टाइमलाइन प्रभावित हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है ट्रैक करने वाली बात?
शेयरधारकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि कंपनी उत्तर और मध्य भारत में अपने नए प्लांट्स को कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से चालू करती है। इसके साथ ही, स्टील और फार्मा जैसे साइक्लिकल सेक्टर की मांग पर भी नजर रखना जरूरी है, क्योंकि कंपनी की ग्रोथ सीधे तौर पर इन सेक्टरों के प्रदर्शन से जुड़ी है।
