Motilal Oswal ने Piramal Finance के लिए **₹2,480** का टारगेट तय किया है। कंपनी अपने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से रिटेल-फोकस्ड बना चुकी है, जिससे आने वाले सालों में जोरदार मुनाफे की उम्मीद है।
रिटेल पर बड़ा दांव
कंपनी ने अपने पुराने और धीमे बिजनेस मॉडल को छोड़कर अब पूरी तरह से रिटेल लेंडिंग पर फोकस किया है। Piramal Finance का 98% पोर्टफोलियो अब रिटेल लेंडिंग के इर्द-गिर्द घूमता है। इसमें गोल्ड लोन, माइक्रोफाइनेंस और अनसिक्योर्ड लोन जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि इस बदलाव से कंपनी के एसेट अंडर मैनेजमेंट में 25% और नेट प्रॉफिट में 55% की सालाना ग्रोथ (FY26-28 के बीच) देखने को मिल सकती है।
फाइनेंशियल हेल्थ और फंड जुटाना
कंपनी ने अपने बैलेंस शीट को मजबूत रखने के लिए अगस्त 2026 में QIP और प्रमोटर वारंट्स के जरिए ₹3,850 करोड़ जुटाए हैं। 30 जून 2026 तक कंपनी का स्टैंडअलोन डेट-टू-इक्विटी रेशियो 2.80 रहा है। हालांकि कंपनी अपनी ग्रोथ के लिए तैयार है, लेकिन इतने कर्ज के साथ मार्जिन बनाए रखना एक चुनौती भी होगी।
ध्यान देने वाले रिस्क फैक्टर्स
निवेशकों को IRDAI के नए नियमों पर नजर रखने की जरूरत है। बीमा कमीशन से जुड़े संभावित बदलावों के कारण कंपनी के एसेट रिटर्न पर 18 से 24 बेसिस पॉइंट्स का असर पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी की Pramerica Life Insurance में 50% हिस्सेदारी है, जो क्रॉस-सेलिंग के मौके तो देती है, लेकिन इसे सेक्टर से जुड़े रेगुलेटरी रिस्क का भी सामना करना पड़ता है।
आने वाले समय में कंपनी की क्रेडिट क्वालिटी और अनसिक्योर्ड लोन पोर्टफोलियो का प्रदर्शन शेयर की चाल तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
